Homeदेश-समाजगाने को लेकर हुआ झगड़ा: SFI सदस्य ने SFI सदस्य को मारा चाकू, मुख्य...

गाने को लेकर हुआ झगड़ा: SFI सदस्य ने SFI सदस्य को मारा चाकू, मुख्य आरोपित नसीम फरार

कॉलेज की पूर्व छात्रा निखिला ने बताया कि उन्हें SFI सदस्यों के हाथों शोषण का शिकार होना पड़ा था, जिससे उन्होंने आत्महत्या का भी प्रयास किया था। अंत में उन्हें कॉलेज छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा।

तिरुवनंतपुरम में SFI की कॉलेज इकाई के सदस्यों ने कथित तौर पर एक छात्र को सीने में चाकू मार दिया। शनिवार (14 जुलाई, 2019) सुबह की इस घटना के बाद से आरोपित छात्र पुलिस की गिरफ़्त से फ़रार है। पीड़ित अखिल तृतीय वर्ष का बीए (राजनीति) का छात्र है और बताया जा रहा है कि मामला मामूली झगड़े से शुरू हुआ था। अखिल को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

गाने को लेकर हुआ झगड़ा?

ऐसी जानकारी आ रही है कि घायल अखिल समेत मामले के सभी पक्ष SFI से ही ताल्लुक रखते हैं। जानकारी के अनुसार अखिल और उसके मित्र कॉलेज कैंटीन में गाते-बजाते थे, जो कैंटीन के बगल में ही स्थित SFI की स्थानीय इकाई के कमरे में रहने वाली एक महिला SFI सदस्या को पसंद नहीं आया। उसने SFI की स्थानीय इकाई में गाना बंद कराने की शिकायत कर दी और इसके चलते अखिल की SFI के बाकी सदस्यों से जुबानी जंग कई दिन तक चली। इसके बाद 10 जुलाई को एक छोटी-मोटी हाथापाई हुई लेकिन शुक्रवार को समझौते के लिए बैठक बुलाई गई थी

लेकिन सुलह के बुलाई गई इस बैठक में मामला हाथ से निकलता गया और देखते-ही-देखते अखिल के एक दोस्त पर हमला हो गया। इसके बाद बाहर से भी एक बड़ा गुट अंदर आया और अखिल के ग्रुप धावा बोल दिया। इस हाथापाई में अखिल को चाकू मार दिया गया।

‘हम फिर भी समर्थक लेकिन फ़ासिस्ट SFI’

इस घटना की जानकारी फैलते ही छात्रों का एक बड़ा समूह SFI के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने लगा। प्रदर्शन करने वालों में SFI के भी सदस्य थे। उनका कहना था कि कॉलेज में SFI के 13 यूनिट सदस्यों का व्यवहार फासिस्टों जैसा ही है, हालाँकि वे SFI समर्थक हैं। छात्रों को कॉलेज में अपनी मर्ज़ी से कहीं भी आने-जाने की अनुमति नहीं है और कहीं भी वे पेड़ों के आस-पास बैठें या गाना गाएँ तो उन्हें मार-पीटकर भगा दिया जाता है।

नसीम SFI रूम का करता है पुलिस से छिपने के लिए इस्तेमाल’

इस बीच यूनिवर्सिटी कॉलेज की पूर्व छात्रा निखिला ने अखिल के मामले के मुख्य आरोपी नसीम समेत SFI से जुड़े कई मुद्दों पर मीडिया से बात की। उनके मुताबिक उन्हें SFI सदस्यों के हाथों शोषण का शिकार होना पड़ा, जिससे उन्होंने आत्महत्या का भी प्रयास किया था। अंत में उन्हें कॉलेज छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा। नसीम के बारे में निखिला ने बताया कि नसीम ने कॉलेज के SFI यूनियन रूम का इस्तेमाल पिछले साल पुलिस से बचने के लिए किया था जब दिसम्बर-जनवरी में दो ट्रैफिक पुलिसवालों के साथ मार-पीट के मामले में पुलिस उसको तलाश रही थी

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ममता से ज्यादा अभिषेक बनर्जी से क्यों नाराज है बंगाल? सत्ता, घोटालों और अहंकार की राजनीति ने कैसे बनाया जनता के गुस्से का सबसे...

बंगाल में TMC की करारी हार के बाद जनता का सबसे बड़ा निशाना ममता बनर्जी के भतीजे और राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी बने हैं।

आज जहाँ से पकड़ा गया है आतंकी मोहम्मद शेख, वहीं के रहने वाले थे बाटला हाउस एनकाउंटर में ढेर हुए आतंकी: ‘आतंक की नर्सरी’...

यूपी एटीएस ने मुस्तैदी दिखाकर Target Killing की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। अब वो आतंकी गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
- विज्ञापन -