Thursday, February 25, 2021

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NGO से लेकर बेंगलुरु दंगों की फंडिंग तक: चीन बिना लड़े ही दुनिया जीत लेगा, ताइवान के लेखक ने बताया

ताइवान के युद्ध विशेषज्ञ केरी गेर्शनेक ने अपनी पुस्तक 'पॉलिटिकल वॉरफेयर चीन' में चीन द्वारा दुनिया पर अपना वर्चस्व बनाने के उद्देश्य से अपनाई जा रही रणनीतियों के बारे में बताया है।

नेपाल में चीन पैंतरे नाकाम, कम्युनिस्ट पार्टी ने कार्यकारी PM ओली को पार्टी से निकाला

नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी ने कार्यकारी प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पार्टी से निकाल कर उनकी सदस्यता रद्द कर दी है।

माकपा के गुंडों ने नारेबाजी करते हुए धमकी दी: मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं को मार दिया जाएगा, शरीर पर हरे झंडे गाड़ दिए जाएँगे

माकपा कार्यकर्ताओं ने चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि मुस्लिम लीग के कार्यकर्ता मारे जाएँगे। उन्होंने कहा कि माकपा एक ऐसा संगठन है, जहाँ पार्टी चाहती है तो लोग मारे जाते हैं।

कर्नाटक iPhone फैक्ट्री में लूट: SFI का स्थानीय अध्यक्ष गिरफ्तार, भाजपा सांसद ने लगाए गंभीर आरोप

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया था कि इस घटना के पीछे SFI का हाथ है। इसके बाद कोलार में SFI तालूक अध्यक्ष कॉमरेड श्रीकांत को...

राष्ट्रहित पर राष्ट्र के साथ होनी चाहिए हमारी विचारधारा, राष्ट्र के खिलाफ नहीं- JNU में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण पर PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि किसी एक बात जिसने हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुँचाया है- वो राष्ट्रहित से ज्यादा प्राथमिकता अपनी विचारधारा को देना है

कितना आवश्यक है माँ दुर्गा को हर नवरात्र में सैनिटरी पैड पर उकेरना?

वामपंथीऔर उदारवादियों को यदि किसी मजहब में ज्ञान देना ही है तो उन्हें उन मजहब से शुरुआत करनी चाहिए, जहाँ समाज को शिक्षित करने की सजा गला रेतने के रूप में मिलती है।

वामपंथन कविता कृष्णन ने ‘लव जिहाद’ से जताई अनभिज्ञता, कहा- मुझे एक भी केस नहीं मिले, ये लीजिए पढ़िए हाल के 10 से अधिक...

आज कविता कृष्णन, जिन्हें लव जिहाद के मामले रिसर्च करने पर भी नहीं मिल रहे, उनके लिए हम कुछ केस लेकर आए हैं ताकि लव जिहाद शब्द का अर्थ उन्हें व उन जैसे लोगों को समझ आ सके।

पेरिस घटना की निंदा को ट्विटर ने ‘हेट स्पीच’ बताकर अकाउंट किया सस्पेंड

इस अकॉउंट के सस्पेंड किए जाने के बाद यूजर को बताया गया कि उन्होंने हेट स्पीच के कारण ट्विटर के नियमों का उल्लंंघन किया है।

वामपंथी दौर में हिंदुओं की आवाज बुलंद करने वाले सीता राम गोयल, जिनकी किताबें आज भी हैं प्रामाणिक

सेकुलरिज्म और नरसंहारों को नकारने की तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग की आदत को वो अपने दौर में आड़े हाथों लेते रहे। उनका जन्म 16 अक्टूबर 1921 को हुआ था और आज उनकी जन्मतिथि भी है।

चे ग्वेरा: रक्तपिपासु, होमोफ़ोबिक, नस्लवादी.. मार्क्सवादी क्रांति व लिबरल्स के रूमानी नायक से जुड़े वो खौफनाक तथ्य जिन्हें सभी नकारना चाहते हैं

'ग्वेरावादियों' ने ऐसी किसी भी चीज़ से मुँह मोड़ लिया, जो ग्वेरा की आदर्श छवि के साथ फिट नहीं बैठती। ग्वेरा निश्चित ही एक जल्लाद था। उसकी नजरों में इंसानों की मौत कुछ भी नहीं थी।

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