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गोरखपुर के अस्पताल में गड़बड़ी को लेकर जेल जा चुके डॉ. कफील ने लिखी किताब, अखिलेश यादव ने किया विमोचन: CAA के विरोधी हैं सपा के MLC प्रत्याशी

गोरखपुर और आसपास के क्षेत्र में जापानी बुखार फैलने के बाद कफील ने ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर अपना खूब फोटो सेशन कराया था और वाह-वाही लूटी थी। बाद में उनकी गड़बड़ी सामने आई थी। जाँच में गड़बड़ी मिलने के बाद उन्हें पद हटा दिया गया था। उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने लापरवाही के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे गोरखपुर के विवादास्पद डॉक्टर कफील खान की किताब का विमोचन किया। कफील खान ने यह किताब गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत पर लिखी है।

डॉ. कफील ने ‘गोरखपुर अस्पताल त्रासदी’ नाम की किताब में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर खिलाफ झूठ फैलाने की कोशिश की है। कफील का कहना है कि किताब लिखने का उद्देश्य ऑक्सीजन की कमी से मरे 80 बच्चों को न्याय दिलाना है।

कफील का कहना है कि उन्होंने इस किताब में सरकार के वे सारे झूठ सामने लाए गए हैं, जिसे उन्होंने छिपाया है। किस तरीके से ऑक्सीजन की कमी हुई थी, उसके बारे में बताया गया है। कफील का कहना है कि सरकार ने BRD मेडिकल कॉलेज में जापानी बुखार के नाम तक को बदल दिया है।

डॉक्टर कफील ने अस्पताल में डॉक्टर रहते गड़बड़ी करने के आरोप में जेल में रहने के बारे में भी इस किताब में लिखा है। उन्होंने आरोप है कि जेल में दो सिस्टम चलता है। गरीबों के साथ अलग व्यवहार किया जाता है, जबकि विधायक-मंत्रियों के साथ अलग व्यवहार किया जाता है।

बता दें कि डॉ. कफील को समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद (MLC) का उम्मीदवार बनाया था। कफील ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन दिया था।

गौरतलब है कि जापानी बुखार फैलने के बाद कफील ने ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर अपना खूब फोटो सेशन कराया था और वाह-वाही लूटी थी। बाद में उनकी गड़बड़ी सामने आई थी। जाँच में गड़बड़ी मिलने के बाद उन्हें पद हटा दिया गया था। उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

साल 2017 में डॉ. कफील गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज के वॉर्ड सुपरिटेंडेंट थे। उस दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण 80 बच्चों की मौत की बात सामने आई थी। इस केस में आरोपी डॉ. कफील को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था। योगी सरकार के आदेश पर लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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