योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा राज में दलितों-पिछड़ों पर हुए अत्याचार की याद दिलाते हुए सोशल मीडिया पर 'सपा का आतंकराज' सीरीज शुरू किया है।
एक तरफ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में सत्ता हथियाने का ख्वाब बुन रहे हैं, दूसरी तरफ हर जरूरी मौकों पर विदेश यात्राएँ पर घूमने निकल पड़ते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर निर्माण के 5 साल बाद सपा को मंदिर-प्रबंधन की पारदर्शिता की याद क्यों नहीं आई? यह 'चिंता' अचानक तभी क्यों जागी जब 2027 का विधानसभा चुनाव सिर पर है?