Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपाकिस्तान की लेडी 'चांद नवाब' : ईद की रिपोर्टिंग में खलल डाल रहे लड़के...

पाकिस्तान की लेडी ‘चांद नवाब’ : ईद की रिपोर्टिंग में खलल डाल रहे लड़के को जड़ा तमांचा, Video वायरल

वीडियो में देख सकते हैं कि मायरा आराम से अपनी रिपोर्टिंग पूरी की। इसके बाद कैमरे के सामने चले आ रहे एक लड़के को झापड़ मारा।

ईद के मौके पर पाकिस्तान की एक महिला रिपोर्टर मायरा हाशमी का एक लड़के को थप्पड़ जड़ने का वीडियो वायरल हुआ है। ये वीडियो रिपोर्टिंग के दौरान का है जिसे सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार नायला इनायत समेत कई लोगों ने डाला है।

वीडियो में देख सकते हैं कि मायरा आराम से अपनी रिपोर्टिंग कर रही होती हैं लेकिन आसपास के सभी लोग उन्हें घेरकर देखते रहते हैं। चेहरे पर बिन कोई शिकन लाए पहले वो अपना काम पूरा करती हैं उसके बाद माइक नीचे करके उस लड़के को झापड़ मारती हैं जो कैमरे के सामने आ रहा होता है।

पूरी घटना कैमरा ऑन रहने के कारण वीडियो में कैद हो गई। अब लोग इसे सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं और इस तरह आसपास की भीड़ से तंग होकर अपना रिएक्शन देने वाली रिपोर्टर को पाकिस्तान के मशहूर पत्रकार चांद नवाब का लेडी वर्जन और चांद नवाब की बेटी कहा जा रहा है।

कुछ लोग इस वीडियो को देख हँस रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो सवाल कर रहे हैं कि आखिर क्यों लड़के को थप्पड़ मारा गया, अगर वो पलट कर ऐसे ही कर देता तो क्या इज्जत रह जाती रिपोर्टर की।

कुछ महिलाएँ भी हैं जो रिपोर्टर के पक्ष में अंदाजा लगा रही हैं कि शायद लड़के ने कोई बदसलूकी की हो, इस वजह से रिपोर्टर बर्दाश्त न कर पाई हो। इसी तरह एक यूजर ने बताया कि लड़का मायरा को काफी देर से तंग कर रहा था। 2-3 बार मना करने के बाद भी जब वो नहीं माना तो ये घटना हुआ।

बता दें कि रविवार को बकरीद विश्व भर में मनाई गई थी। ऐसे में ये वीडियो भी उसी दिन की कही जा रही है। ट्विटर पर शेयर होती वीडियो को लाखों व्यूज मिल रहे हैं। इस बीच मायरा ने भी इसे अपने अकॉउंट से शेयर कर सफाई दी है। उर्दू में किए गए ट्वीट के गूगल अनुवाद से समझ आता है कि मायरा जिस समय एक परिवार का इंटरव्यू ले रही थीं, उस दौरान ये लड़का उस परिवार को तंग कर रहा था इसलिए जब अगली बार इस लड़के ने ऐसा किया तो उन्होंने बर्दाश्त नहीं किया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -