लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
पीएम मोदी की 4 रील के पीछे सरकार के 4 बड़े एक्शन भी हैं। खासकर NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने पिछले एक हफ्ते के भीतर जिस तेजी से फैसले लिए हैं, उस पर भी नजर डालनी चाहिए।
Gen Z की जुबान अमर्यादित हो गई है, जिससे समाज चिंतित दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया फ्रेंडली ये पीढ़ी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। जरूरत है पूरी शिक्षा प्रणाली में बदलाव की।