Homeदेश-समाजपटना में ताड़ी बैन के खिलाफ पासी समाज का प्रदर्शन, बिहार पुलिस ने बरसाई...

पटना में ताड़ी बैन के खिलाफ पासी समाज का प्रदर्शन, बिहार पुलिस ने बरसाई लाठियाँ, पत्रकार भी घायल: प्रदर्शनकारी बोले- नीतीश सरकार झूठे केस में फँसा रही है

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मच गई। भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन भी मँगवाया गया। वहीं पुलिस का दावा है कि पुलिस के 67 जवान घायल हो गए हैं।

बिहार की राजधानी पटना में पुलिस और पासी समाज के प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पासी समाज के लोग अपनी माँगों को लेकर जुलूस निकाल रहे थे। समाज के लोग विधानसभा घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे। पटना के जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

पटना में पासी समाज का मार्च

रिपोर्ट्स की मानें तो पासी समाज के लोग अपनी माँगों को लेकर राजभवन की तरफ मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारी जैसे ही डाकबंगला की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस का आरोप है कि जब उन्हें रोकने के प्रयास किए जा रहे थे तो कुछ उपद्रवी पथराव करने लगे। जिसके कारण पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मच गई। भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन भी मँगवाया गया। पुलिस का दावा है कि पुलिस के 67 जवान घायल हो गए हैं। खबर है कि कुछ पत्रकारों को भी चोटें आई हैं। इधर पासी समाज के लोगों का आरोप है कि राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस, पासी समाज के लोगों को झूठे केस में फँसा कर जेल भेज रही है।

क्यों हो रहा है प्रदर्शन ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक ताड़ी को बैन करने के खिलाफ पासी समाज के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी सिलसिले में आज समाज के लोग विधानसभा का घेराव करने निकले थे। पासी समाज के लोगों का कहना है कि पासी समाज के लिए रोजगार का मुख्य साधन ताड़ी का कारोबार है जिसपर रोक लगा दी गई है। इससे तबके के लोग बेरोजगार हो गए हैं। सरकार पासी समाज के लोगों के पेट पर लात मार रही है। प्रदर्शन कर रहे पासी समाज के लोगों ने ताड़ी पर से प्रतिबंध हटाने की माँग की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘फोर्स्ड लेबर’ के नाम पर भारत पर 12.5% टैरिफ का USTR प्रस्ताव: क्या सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद ट्रंप खोज रहे नया...

USTR ने भारत सहित कई देशों पर नए टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। भारत ने कहा कि प्रक्रिया जारी है और फैसला अभी बाकी है।

टिंडर से दोस्ती, ₹50 लाख की फिरौती और हथौड़े से कत्ल: DU के छात्र आयुष नौटियाल की हत्या केस में इश्तियाक अली दोषी, पढ़ें-...

2018 के चर्चित आयुष नौटियाल मर्डर केस में कोर्ट ने इश्तियाक अली को दोषी करार दिया। पढ़ें अपहरण, फिरौती, हत्या और पुलिस जाँच की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -