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’60 साल में पहली बार बिजली देखी…हमारे बच्चे अब उजाले में पढ़ेंगे’ : कश्मीर के सुदूर गाँव में जला बल्ब, ग्रामीणों ने PM मोदी का धन्यवाद कहा

तेथन गाँव, अनंतनाग की पहाड़ियों पर स्थित है। लोग यहाँ सालों से रहते हैं पर बुनियादी चीजों से हमेशा अछूते रहे। रविवार को गाँव में  बिजली देखने के बाद उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के एक सुदूर गाँव तेथन में 75 साल बाद जाकर रविवार (8 जनवरी 2023) को बिजली आई। ये सब प्रधानमंत्री विकास पैकेज योजना के कारण संभव हुआ। इस गाँव की आबादी 200 है। आजतक यहाँ किसी घर में बिजली नहीं थी। पिछले रविवार को यहाँ पहला बल्ब जला। इतने साल तक लोग यहाँ ग्रामीण लालटेन और मोमबत्ती जलाकर काम चला रहे थे। गाँव का विकास देखने के बाद ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री का हृदय से धन्यवाद किया।

फजुल-उ-द्दीन नाम के ग्रामीण ने कहा, “हमने आज पहली बार बिजली देखी। हमारे बच्चे अब उजाले में पढ़ाई करेंगे…हम अभी तक लकड़ी से अपनी जरूरत पूरी करते थे। हमारी मुश्किलें सुलझ गई हैं। हम सरकार और संबंधित विभाग के आभारी हैं।”

इसी तरह जफर खान ने कहा, “आज हमारी खुशकिस्मती है कि सरकार ने हमें बिजली दी। मैं 60 साल का हो गया हूँ मगर पहली दफा बिजली देखी है…हम एलजी साहब और डीसी साहब के शुक्रगुजार हैं। हम बिजली विभाग के भी आभारी हैं। हमारे पूर्वजों ने ये चमत्कार नहीं देखा था।”

उल्लेखनीय है कि तेथन गाँव, अनंतनाग की पहाड़ियों पर स्थित है। लोग यहाँ सालों से रहते हैं पर बुनियादी चीजों से हमेशा अछूते रहे। रविवार को गाँव में  बिजली देखने के बाद उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने डांस करके अपनी खुशी मनाई।

45 किलोमीटर में बने गाँव में बिजली आने को लेकर एक अधिकारी ने कहा कि तेथन में बिजली लाने का काम फास्ट ट्रैक प्रक्रिया में हुआ है।  बिजली विकास विभाग के तकनीकी अधिकारी फैयाज अहमद सोफी ने बताया कि इस सुदूर गाँव में बिजली लाने के लिए नेटवर्किंग की प्रक्रिया 202 में शुरू की गई थी। मगर हाई टेंशन लाइन की टैपिंग मसला था। आज सुदूर इलाके में बिजली आ गई है। गाँव में 63 किलोवॉट के ट्रांस्फॉर्मर फिट किए गए हैं। सोफी ने कहा कि गाँव में एक ट्रांसफॉर्मर, 38 हाई टेंशन लाइन और 57 एलटी पोल (कुल 95 पोल) लगाए गए, जिससे 60 घरों में बिजली पहुँचाना संभव हुआ और उनका पहला बल्ब जला।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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