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हिंसा, गोलीबारी, आगजनी, बमबारी… CM नीतीश की यात्रा से पहले अररिया में भिड़े मुस्लिमों के दो गुट, चुनावी रंजिश में लाठी, रॉड और फरसा भी चला

जिन दो पक्षों के बीच लड़ाई हुई है, उनमें वार्ड सदस्य के चुनाव को लेकर वर्षों पहले से रंजिश चल रही है। गुरुवार की सुबह दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जिसके बाद वो उग्र हो गए।

बिहार के अररिया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समाधान यात्रा’ से पहले जबरदस्त गोलीबारी और आगजनी हुई है। शुक्रवार (3 फरवरी, 2022) को सीएम नीतीश कुमार अररिया पहुँच रहे हैं, जिससे पहले वहाँ हिंसा हुई है। बताया जा रहा है कि रानीगंज के जगता पलार गाँव में झड़प के बाद इसकी शुरुआत हुई। इसके बाद उनमें से एक पक्ष ने कई राउंड गोलीबारी और बमबारी की। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची।

मामले की छानबीन की जा रही है और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अररिया के SDPO पुष्कर कुमार ने कहा कि 62 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। 4 लोग हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए रानीगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस झड़प का कारण चुनावी रंजिश को बताया जा रहा है। गाँव के लोगों में इसके बाद से दहशत है। सीएम भी जिले में पहुँच रहे हैं, ऐसे में पुलिस-प्रशसान में हड़कंप मचा हुआ है।

जिन दो पक्षों के बीच लड़ाई हुई है, उनमें वार्ड सदस्य के चुनाव को लेकर वर्षों पहले से रंजिश चल रही है। गुरुवार की सुबह दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जिसके बाद वो उग्र हो गए। इससे पहले भी इनमें मारपीट हो चुकी है और अदालत में केस भी चल रहा है। घायलों में नजाम, अयूब, इम्तियाज, समीम और जुबेर हैं। दूसरे पक्ष से मोहम्मद नईम, नसीम, मोसिम, अजमत, मतेउल्लाह,सुकरुल, हासिम, समीम, मोइन, मुर्तजा, अनवारुल, अमीन, अबूल, कमाल, जमील, इबरान, शमसुल, नसबुल, इमतियाज, सद्दाम, सगीर और साबिर आदि आरोपित हैं

हिंसा में लाठी, लोहा का रॉड, फरसा, बंदूक, देशी कट्टा और बम इस्तेमाल किए जाने की बात बताई गई है। गाँव वालों का कहना है कि इससे पहले दोनों पक्षों के बीच दर्जनों बार हिंसा हो चुकी है। इससे पहले 18-19 जनवरी को भी सीएम नीतीश कुमार अररिया पहुँचे थे। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि राजद के साथ गठबंधन कर के सरकार बनाने के बाद से उनके शासनकाल में हिंसा बढ़ रही है और जंगलराज वापस आ गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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