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मोदी सरकार ने देश में बनाए 50 हजार से ज्यादा अमृत सरोवर… 3 माह पहले टारगेट पूरा किया: जल संरक्षण के साथ रोजगार के नए अवसर देना है उद्देश्य

भाजपा ने बताया है कि मिशन अमृत सरोवर के तहत देश भर में 50 हजार से अधिक जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य बनाया गया था। इसकी शुरुआत 24 नवम्बर 2022 को हुई थी। इसे 15 अगस्त 2023 तक सम्पन्न करने का लक्ष्य भी रखा गया था। अभियान के तहत इन जलाशयों को अमृत सरोवर का नाम दिया गया है।

भारतीय जनता पार्टी ने 13 मई 2023 (शनिवार) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बताया है कि देश में 50 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। अपने इसी ट्वीट में बीजेपी का दावा है कि यह कार्य तय समय से 3 महीने पहले ही हुआ है। इन सरोवरों के लिए तय सीमा आने वाले स्वतंत्रता दिवस की रखी गई थी। इस अभियान का नाम ‘मिशन अमृत सरोवर’ दिया गया था।

अपने इसी आधिकारिक ट्वीट में भाजपा ने बताया है कि मिशन अमृत सरोवर के तहत देश भर में 50 हजार से अधिक जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य बनाया गया था। इसकी शुरुआत 24 नवम्बर 2022 को हुई थी। इसे 15 अगस्त 2023 तक सम्पन्न करने का लक्ष्य भी रखा गया था। अभियान के तहत इन जलाशयों को अमृत सरोवर का नाम दिया गया है। पंचायती राज्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी आँकड़ों के आधार पर भाजपा का दावा है कि इस लक्ष्य को 3 महीने पहले ही पूरा कर लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगा कर भाजपा ने इस ट्वीट का शीर्षक ‘तय समय से पहले पूरा किया संकल्प’ दिया है। इस अभियान को जल संरक्षण और संचयन के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

गौरतलब है कि मिशन अमृत सरोवर के लिए कोई अलग से धनराशि जारी नहीं हुई थी। इसमें भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और तकनीकी संगठनों की भागीदारी है। इस अभियान के तहत सिंचाई, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़े की खेती, जल पर्यटन आदि से रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है। साथ ही अमृत ​​सरोवर अपने इलाके में सामाजिक सभा स्थल के रूप में प्रयोग होगा। अमृत ​​सरोवर की खुदाई से निकलने वाली मिट्टी को रेल मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय आदि में प्रयोग के लिए भेजा जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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