Homeदेश-समाज'साक्षी की हत्या करते वक्त अकेला नहीं था साहिल, नशेड़ी साथी भी थे मौजूद':...

‘साक्षी की हत्या करते वक्त अकेला नहीं था साहिल, नशेड़ी साथी भी थे मौजूद’: चश्मदीद ने बताया- देखकर भी क्यों चुप रहे लोग, इंस्टाग्राम से कई लड़कियों से रिश्ते का खुलासा

साहिल बड़े आराम से लॉकअप में सो रहा है और पूछताछ में जाँच को भटकाने की कोशिश कर रहा है, जिससे पता चलता है कि वो शातिर था।

दिल्ली के रोहिणी स्थित शाहबाद डेयरी इलाके में साहिल नामक के एक युवक ने साक्षी नाम की लड़की की चाकू से लगातार गोद कर हत्या कर दी। उसने एक भारी पत्थर उठा कर साक्षी का चेहरा भी कुचल डाला। अब इस घटना से पहले का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें साहिल को घटनास्थल पर पहले से मौजूद देखा जा सकता है। साथ ही वो इस वीडियो में किसी लड़के से बात भी कर रहा है। फिर दोनों फोन में कुछ देख रहे होते हैं।

ABP न्यूज़ की खबर के अनुसार, साक्षी का एक दोस्त भी पुलिस द्वारा पूछताछ की सूची में शामिल किया गया है, जिसका नाम आकाश है। हत्या से पहले मौका-ए-वारदात पर आकाश और साहिल बात करते हुए दिखे थे। साहिल उस समय साक्षी का इंतजार कर रहा था। पुलिस जाँच में पता लगाएगी कि आकाश को इस बारे में क्या-क्या जानकारी थी। साक्षी की अन्य दोस्तों नीतू, आरती, झबरू और प्रवीण से भी पूछताछ होनी है।

उधर हत्यारे साहिल की पहचान करने वाले चश्मदीद ने बताया है कि लड़की को चाकू से गोदते समय साहिल अकेला नहीं था, बल्कि उसका पूरा गिरोह उसके साथ था। उसका कहना है कि इसी गिरोह के डर से आसपास से गुजर रहे लोगों ने कुछ नहीं किया। चश्मदीद ने बताया कि उसने साहिल को कई बार देखा है और हत्या वाले दिन उसका गैंग घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद था। गैंग के लड़कों के साथ वो नशा भी करता था।

उधर ये भी सामने आया है कि इंस्टाग्राम पर साहिल की कई लड़कियों से दोस्ती और रिलेशनशिप था। वो एक साथ कई लड़कियों के साथ रिश्ते में था। कई लड़कियों के साथ उसके चैट सामने आए हैं। साहिल और साक्षी के झगड़े की एक बड़ी वजह ये भी हो सकती है। साहिल बड़े आराम से लॉकअप में सो रहा है और पूछताछ में जाँच को भटकाने की कोशिश कर रहा है, जिससे पता चलता है कि वो शातिर था। हो सकता है कि पुलिस को भटकाने के लिए साहिल अन्य किरदारों के नाम ले रहा हो।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -