Homeदेश-समाज'प्रवेश शुक्ला को छोड़ दिया जाए, वो हमारे गाँव के पंडित हैं': सीधी पेशाब...

‘प्रवेश शुक्ला को छोड़ दिया जाए, वो हमारे गाँव के पंडित हैं’: सीधी पेशाब कांड के पीड़ित की सरकार से माँग, बताया – मुझे आर्थिक सहायता मिली

दशमत रावत ने कहा, "हमारी एक माँग अब बस सड़क की है।" पीड़ित ने ये भी बताया कि उन्हें आर्थिक सहायता की राशि भी मिल गई है।

मध्य प्रदेश के सीधी से आए एक वीडियो पर जमकर विवाद हुआ था, जिसमें प्रवेश शुक्ला नामक शख्स को जनजातीय समाज के व्यक्ति दशमत रावत के शरीर पर पेशाब करते हुए देखा गया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले का संज्ञान लिया, जिसके बाद आरोपित को गिरफ्तार कर उस पर NSA के तहत कार्रवाई की गई और उसके घर पर बुलडोजर भी चला। CM चौहान ने पीड़ित को मुख्यमंत्री आवास बुला कर उसके पाँव पखारे और साथ भोजन किया, वृक्षारोपण किया।

अब इस मामले में नया मोड़ आया है। पीड़ित दशमत रावत ने माँग की है कि आरोपित प्रवेश शुक्ला को छोड़ दिया जाए। उन्होंने कहा, “प्रवेश शुक्ला हमारे गाँव के पंडित हैं। इससे आगे हम कुछ नहीं कहना चाहते। हमारी माँग यही है कि जो हो गया सो हो गया, उन्होंने अपनी गलती महसूस कर ली है। वो हमारे गाँव के पंडित हैं। हमारी एक माँग अब बस सड़क की है।” पीड़ित ने ये भी बताया कि उन्हें आर्थिक सहायता की राशि भी मिल गई है।

एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें मध्य प्रदेश पुलिस को आरोपित प्रवेश शुक्ला को घसीटते हुए कार में बिठाते हुए देखा गया था। प्रवेश शुक्ला को सिगरेट मुँह में दबा कर पीड़ित पर पेशाब करते हुए देखा गया था। ये वीडियो 1 साल पुराना था, जो अब सामने आया। जनजातीय समाज के पीड़ित के साथ इस तरह के सलूक पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद माफ़ी माँगते हुए कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया था और ऐसा हुआ भी।

उधर कॉन्ग्रेस ने भी इस मामले में खूब राजनीति की। कॉन्ग्रेस के जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह ने पीड़ित को बिठा कर उस पर गंगाजल छिड़क दिया। लोगों ने पूछा है कि क्या जनजातीय समाज का व्यक्ति अशुद्ध है कि उसके साथ ऐसा किया गया? स्थानीय भाजपा विधायक केदार शुक्ला ने भी पीड़ित से मुलाकात की है। वहीं आरोपित के घर के बाहर कॉन्ग्रेस नेताओं ने धरना दिया। कॉन्ग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रवेश शुक्ला के घर को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

FIFA World Cup 2026: जर्मनी की जीत खबर थी, कुराकाओ का जश्न ‘कहानी’

यह फीफा विश्व कप अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन मैदान पर जो कहानियाँ जन्म ले रही हैं, वे बता रही हैं कि फुटबॉल सिर्फ़ एक खेल नहीं है।

ED की शिकायत के बाद ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ पर कसा शिकंजा, जानिए FIR की डिटेल: विदेशी फंडिंग से चल रहा था ईसाई धर्मांतरण, बनाए...

ED की शिकायत पर अमेरिकी ईसाई संगठन TTI पर FIR दर्ज। विदेशी फंडिंग को भारत में लाकर इस्तेमाल करने और फेमा के उल्लंघन का आरोप।
- विज्ञापन -