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केरल में PFI नेता का हाउसिंग प्रोजेक्ट: ED ने चार विला और कई एकड़ जमीन की कुर्क, करोड़ों रुपए है कीमत

बताते चलें कि ED ने 7 जनवरी 2023 को इन संपत्तियों के लिए प्रॉविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था। 30 जून को एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने इसकी पुष्टि भी की थी। जाँच एजेंसी ने कहा कि उसने केरल के एर्नाकुलम की अदालत में NIA द्वारा दायर FIR और आरोप पत्र के आधार पर PMLA के तहत जाँच शुरू की थी।

केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार (5 जुलाई 2023) को प्रतिबंधित कट्टर इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की है। ED ने 2.53 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त की है, जिनमें विला भी शामिल हैं।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में 338.03 वर्ग मीटर के चार विला शामिल हैं। इनकी बिक्री नहीं हुई थी। इसके अलावा, मुन्नार विला विस्टा परियोजना से 6.75 एकड़ खाली भूमि भी कुर्क की गई है। इसे PFI का एमके अशरफ संचालित कर रहा था। अशरफ PFI का प्रदेश उपाध्यक्ष था।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में अशरफ को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। बताते चलें कि साल 2006 में PFI का गठन किया गया था और इसका मुख्यालय दिल्ली में था। इसकी गतिविधियों को देखते हुए गृहमंत्रालय ने UAPA के तहत कार्रवाई करते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया है।

ED की जाँच में पता चला कि PFI के नेता और विदेशी संस्थाओं से जुड़े सदस्य केरल के मुन्नार में आवासीय परियोजना ‘मुन्नार विला विस्टा प्रोजेक्ट (एमवीवीपी)’ डेवलप कर रहे थे। इसका उद्देश्य विदेशों से और देश के भीतर एकत्र किए गए धन को वैध बनाना था। यह परियोजना मुन्नार विला विस्टा प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के माध्यम से विकसित की गई थी।

एक अधिकारी ने कहा कि ईडी की जाँच में इस परियोजना में बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी डालने, शेयरधारकों के नाम पर कंपनी के शेयरों की नकद सदस्यता देना, बिना प्रतिफल के कंपनी के शेयरों का हस्तांतरण और बिना किसी आपूर्ति के अन्य कंपनियों को वस्तुओं या सेवाओं के फर्जी हस्तांतरण आदि का खुलासा हुआ है।

एमवीवीपीएल और उसके प्रमुख व्यक्तियों की मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की जाँच में कुल आपराधिक आय 21.9 करोड़ रुपए की पहचान की गई है। 6 मई को लखनऊ में पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत के समक्ष एक अभियोजन शिकायत दायर की गई थी। मामले में कोर्ट ने आरोप भी तय कर दिए हैं और फिलहाल सुनवाई चल रही है।

बताते चलें कि ED ने 7 जनवरी 2023 को इन संपत्तियों के लिए प्रॉविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था। 30 जून को एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने इसकी पुष्टि भी की थी। जाँच एजेंसी ने कहा कि उसने केरल के एर्नाकुलम की अदालत में NIA द्वारा दायर FIR और आरोप पत्र के आधार पर PMLA के तहत जाँच शुरू की थी।

FIR और आरोप पत्र में कहा गया है कि PFI और उसकी राजनीतिक शाखा SDPI के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने विस्फोटकों और हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने की साजिश रची और कन्नूर जिले के नारथ में एक आतंकवादी शिविर का आयोजन किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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