Homeदेश-समाजपाकिस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान मुर्दाबाद… फैजान ने लगाया नारा, हाई कोर्ट ने कहा- मंगलवार को...

पाकिस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान मुर्दाबाद… फैजान ने लगाया नारा, हाई कोर्ट ने कहा- मंगलवार को राष्ट्रीय ध्वज को 21 बार सलामी दो, भारत माता की जय बोलो

फैजान को पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 सी के तहत हिरासत में लिया था। बाद में उसने कोर्ट से बेल माँगी ये कहकर कि उसपर फर्जी मामला दायर हुआ है। हालाँकि जब अभियोजन पक्ष ने वीडियो दिखाई जो झूठ पकड़ा गया और कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया है।

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ चिल्लाने वाले एक शख्स को इस शर्त पर बेल दी कि वो पुलिस थाने में लगे राष्ट्रीय ध्वज को महीने में दो बार आकर 21 दफा सलाम करेगा वो भी ‘भारत माता की जय’ नारे के साथ।

कोर्ट ने कहा कि आरोपित को ऐसा हर माह के पहले और चौथे मंगलवार को सुबह 10 से 12 बजे के बीच आकर करना होगा। इसके अलावा आरोपित पर 50000 रुपए का बॉन्ड प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।

ये फैसला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल की एकल पीठ ने दिया। उन्होंने फैजान उर्फ फैजल नाम के आरोपित के केस पर सुनवाई करते हुए अपना यह निर्णय दिया ताकि उसमें उस देश के प्रति सम्मान जगे जहाँ वो पैदा हुआ और रह रहा है।

फैजान को पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 सी के तहत हिरासत में लिया था। बाद में उसने कोर्ट से बेल माँगी ये कहकर कि उसपर फर्जी मामला दायर हुआ है। हालाँकि जब अभियोजन पक्ष ने वीडियो दिखाई जो झूठ पकड़ा गया और कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया है।

बता दें कि इस मामले में 17 मई 2024 को भोपाल के मिसरौद पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जाँच के बाद ट्रायल कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई थी। इस दौरान वीडियो क्लिप को आधार बनाया गया जिसमें आरोपित स्पष्ट रूप से नारेबाजी कर रहा था। जाँच में पुलिस ने पाया कि आरोपित पर पहले से 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -