Ashish Shukla

Author of "How United States Shot Humanity", Senior Journalist, TV Presenter

लेफ़्ट-लिबरल इकोसिस्टम की नई चाल को काटने के लिए कितने तैयार हैं आप?

लेफ़्ट-लिबरलों का एक नया खेल शुरू हो गया है। "फेक न्यूज़" चिल्लाने से काम बनता नहीं देख उन्होंने उसी शराब को नई बोतल में डालकर "मिसइंफॉर्मेशन" का लेबल लगा दिया है। अब 'स्थानीय' गिरोह को वैश्विक लेफ़्ट-लिबरलों के नेटवर्क के सरगनाओं का साथ मिल रहा है।

घमंडी, फासीवादी, सांप्रदायिक, स्वेच्छाचारी, हिंसक, असंवैधानिक, तानाशाह, भ्रष्ट, अलगाववादी: यही हैं ममता

यह इकोसिस्टम कुतर्क में उस्ताद है। बंगाल की हर हिंसा में तृणमूल के साथ बराबर का भागीदार भाजपा को बना देता है। सांप्रदायिकता में भी यही रवैया अपनाता है।

जब बार-बार लुटयन मीडिया ने राहुल गाँधी के राफ़ेल झूठ पर कहा ‘जिने मेरा दिल लुटया, ओहो!’

राहुल गाँधी ने कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रोन ने खुद (रिलायंस के ऑफसेट पार्टनर के बारे में ) उनसे कहा था। मगर फ्रांसीसी सरकार ने इससे इनकार कर दिया।

अलीगढ़ में मुस्लिम परिवार की हुई पिटाई, AMU छात्र संघ अध्यक्ष ने कहा- कल पूरा देश जलेगा

जीआरपी के इंस्पेक्टर ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया है कि मामला मज़हबी हिंसा का नहीं, आपसी विवाद का है। घायलों और कुछ सहयात्रियों के बीच ट्रेन से उतरने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद वह हिंसा में बदल गया।

तमिलनाडु में द्रमुक ने काले किए हिंदी के साइनबोर्ड, कहा- हिंदी वापस जाओ

भाजपा को आम तमिल ही नहीं, राज्य की प्रभावशाली हस्तियों के भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इनमें फिल्म अभिनेताओं रजनीकांत और कमल हासन के नाम भी शामिल हैं।

देश के भीतर के गद्दारों से निपटने के लिए होगा सेना का गठन: BJP विधायक

भाजपा विधायक कहा कि जिस तरह से भारतीय सेना देश के बाहर के गद्दारों को साफ़ कर रही है, एक ऐसी सेना होनी चाहिए जो देश के भीतर के गद्दारों को डील करे।

Facebook ने 2 साल में हटाए IS, अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों के 2.60 करोड़ हिंसक पोस्ट

फेसबुक कंपनी के मुताबिक उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव विशेषज्ञता की मदद से इन आतंकी पोस्ट्स को डिलीट किया हैं। इसके अलावा आतंकी ग्रुप्स के अकाउंट्स पर भी बैन लगाया है।

गिरफ्तार कश्मीरी नेताओं को 18 महीने से कम में ही रिहा कर देंगे: जितेंद्र सिंह

"मोदी सरकार के इस कदम से साफ हो गया है कि राष्ट्र विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। जन संघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू- कश्मीर में एक संविधान और एक विधान को लेकर जो संघर्ष किया उनका पक्ष आखिरकार सही साबित हुआ है और नेहरू और शेख अब्दुल्ला गलत साबित हुए हैं।"