Sunday, September 20, 2020
8 कुल लेख

Nirwa Mehta

Politically incorrect. Author, Flawed But Fabulous.

‘उदित राज सिर्फ़ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नहीं, बल्कि विश्व के राष्ट्रपति बन सकते हैं, वे गैलेक्सी भी सँभाल सकते हैं’

खुद को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बनाने की मुहिम को उदित राज बीजेपी आईटी सेल का उपक्रम बता रहे हैं। पर डिजिटल एक्टिविस्ट ने ऑपइंडिया को इस आँधी की वजह कुछ और ही बताई।

7 साल पहले आज ही के दिन BJP ने लिया था वह फैसला, जिसने कॉन्ग्रेस के अस्तित्व को हिला कर रख दिया

13 सितंबर 2013। इसी दिन बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित किया था।

PM नरेंद्र मोदी फासिस्ट हैं, क्योंकि महाराष्ट्र से लेकर तेलंगाना और पश्चिम बंगाल तक में खौफ है ‘उनका’

सरकार पर सवाल उठाने के कारण केबल नेटवर्क पर एक समाचार चैनल का प्रसारण रोक दिया था। अघोषित आपातकाल की स्थिति में रह कर...

गणपति की वे मूर्तियाँ… बहरीन में बुर्का वाली ने जिन्हें तोड़ा, दिव्य ने उन्हें घर में स्थापित कर किया विसर्जित

पिछले दिनों बहरीन में गणेश मूर्तियों को तोड़ती एक बुर्का वाली महिला का वीडियो वायरल हुआ था। इन मूर्तियों को दिव्य पांडे ने अपने घर में स्थापित करने के बाद विसर्जित किया है।

स्व-घोषित बुद्धिजीवियों और अर्थशास्त्रियों ने सरकार को ऐसे सुझाव दिए हैं जो मेरे भतीजे का हाई स्कूल ग्रुप भी दे सकता है

सरकार को सभी तरफ से आने वाली सहायता को मना कर देना चाहिए और जिन लोगों ने पत्र पर दस्तखत किए हैं, उनकी संपत्ति को सार्वजनिक संपत्ति मानकर इस्तेमाल करना चाहिए।

लड़की पर पब्लिकली हस्तमैथुन कर फरार हुआ आदमी: मुफ्त मेट्रो से सुरक्षा नहीं मिलती

आप शायद 'सुरक्षा' के नाम पर महिलाओं को मेट्रो में मुफ्त यात्रा करा सकते हैं, लेकिन आप यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि महिलाएँ वहाँ सुरक्षित हैं?

‘मस्जिद बन्दर’ = बंदरों की मस्जिद: मोदी का मजाक उड़ाने वाली गालीबाज ट्रोल स्वाति चतुर्वेदी की समझ

गालीबाज ट्रोल ने इस एडिटेड वीडियो से एक बार फिर अपनी बकलोली का परिचय दिया है। वैसे भी अभी फेक न्यूज़ का धंधा मंदा चल रहा है तो ऐसे एडिटेड वीडियो पर अपनी बकलोली को डिफेंड करके अपनी काल्पनिक 'निष्पक्ष' पत्रकारिता का प्रमाण दे रही है।

गुजरात न्यूज़ एडिटर महोदय, बलिदान की संवेदना पर व्यक्तिगत घृणा थोप कर रात में कैसे सो पाते हैं आप?

गुजरात के लोग ये जानते हैं कि आपके नेतृत्व में प्रकाशित होने वाले अख़बार हमेशा सरकार विरोधी और प्रतिष्ठान विरोधी रुख़ अपनाता रहा है। यही वजह है कि बतौर संपादक आप तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज के ख़िलाफ़ लिखते रहे हैं।

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