Nithin Sridhar

With a degree in civil engineering, and having worked in the construction field, Nithin Sridhar passionately writes about various issues from development, politics, and social issues, to religion, spirituality, and ecology. He is based in Mysore, India. He is currently Editor of IndiaFacts, an online portal dedicated to Indian civilization. He is also the Editor of Advaita Academy, an online initiative for the spread of Advaita Vedanta. His first book "Musings On Hinduism" provided an overview of various aspects of Hindu philosophy and society. His latest book "Menstruation Across Cultures: A Historical Perspective" examines menstruation notions and practices prevalent in different cultures & religions from across the world. Tweets at @nkgrock

व्यक्तिगत रूप से हम हिन्दू सभ्यता को बचाए रखने के लिए आखिर क्या कर सकते हैं?

हिन्दू धर्म और प्रथाओं, परम्पराओं के प्रचार-प्रसार में शामिल लोगों को भी हमेशा सचेत रहना चाहिए कि हमारे ज्ञान और प्रणालियों को इतना धूमिल या व्यवसायीकृत न किया जाए कि उनके मूल रूप, उनकी आत्मा से छेड़-छाड़ होने लगे या वह क्षीण हो जाए।

जानिए क्या हुआ जब बिना जाँचे ही नितिन गडकरी की कार का बना दिया पॉल्यूशन सर्टिफिकेट

डेक्कन पुलिस स्टेशन में PUC सेंटर के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह काम किसी एक व्यक्ति ने किया है। हालाँकि उसके नाम का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

भू-माफिया आजम खान पर अब सरकारी बिल्डिंग कब्जाने के आरोप में FIR दर्ज

पीड़ित के मुताबिक उसके क्वालिटी बार पर सन 2013 में यह लोग लूटपाट और तोड़फोड़ किए थे। उनके मुताबिक जो उनकी जगह थी उसको पूर्व मंत्री आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा के नाम आवंटित कर दिया गया था।

महाराष्ट्र निवासी अब्दुल वहाब तमिलनाडु में भगवा लिबास में पकड़ा गया, दरगाह पर सोने से हुआ शक

उस पर किसी को शक न होता अगर उसने एक गलती न की होती- उसने सोने की जगह गलत चुनी। वहाब सोने के लिए हिन्दू साधु के भेष में ही दरगाह पर जाता था।

हिंदी भाषा विवाद: अमित शाह के ‘कभी नहीं कही हिंदी थोपने की बात’ पर स्टालिन ने आंदोलन लिया वापस

दक्षिण भारत में हो रहे बवाल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि उन्होंने कभी भी हिंदी को क्षेत्रीय भाषाओं पर थोपने की बात नहीं कही है। हिंदी को केवल दूसरी भाषा के तौर पर सीखने की बात की थी। इसपर अगर किसी को राजनीति करनी है तो वह करता रहे।

ट्रेन में हुई आपसी लड़ाई को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र ने दिया साम्प्रदायिक रंग

जीआरपी के इंस्पेक्टर ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया है कि मामला मज़हबी हिंसा का नहीं, आपसी विवाद का है। घायलों और कुछ सहयात्रियों के बीच ट्रेन से उतरने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद वह हिंसा में बदल गया।