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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

चंद्रबाबू नायडू को अब सिर्फ 2 हवलदार से ही चलाना होगा काम, 2019 में PM बनने का देखा था सपना

राज्य सरकार द्वारा अमरावती में नायडू के आवास और चित्तूर जिले में उनके मूल स्थान नरवरिपल्ले में सुरक्षा वापस ले ली गई है। उनके परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षा भी हाल ही में वापस ले लिया गया था और उनके बेटे नारा लोकेश को सुरक्षा के लिए सिर्फ दो कांस्टेबल दिए गए हैं।

UP में 17 OBC जातियाँ SC में शामिल: आरक्षण देकर योगी सरकार ने बिगाड़ा सपा-बसपा का गणित

यूपी में अनुसूचित जातियों के लिए 17 लोकसभा और 403 विधानसभाओं में से 86 सीटें रिजर्व हैं। इनमें इन जातियों को चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। जबकि, ओबीसी के लिए सीटें रिजर्व नहीं हैं। इसका दुष्परिणाम जातिगत राजनीति करने वाली सपा-बसपा जैसी पार्टियों को भुगतना पड़ेगा।

प्रियंका ने UP की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, पुलिस ने 2 वर्षों में 9225 अपराधियों के आँकड़े से कराया चुप

पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाईयों के संदर्भ में अपने अन्य ट्वीट में यूपी पुलिस ने लिखा कि प्रभावी कार्रवाई करने के फलस्वरूप अपराधों में 20-35% की कमी आई है। सभी सनसनीखेज अपराधों का यथासम्भव 48 घंटे में ख़ुलासा हुआ है।

कॉन्ग्रेसी अहमद पटेल के करीबी ने किया PNB से भी बड़ा घोटाला, बैंकों को लगाया ₹15000 करोड़ का चूना

कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल के करीबी माने जाने वाले संदेसरा ब्रदर्स ने फर्जी कंपनियाँ बनाकर कई बैंकों को करीब ₹14,500 करोड़ का चूना लगाया। जबकि हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने पीएनबी बैंक में ₹11,400 करोड़ का घोटाला किया था।

AN-32 में मारे गए सैनिकों के पार्थिव शरीर लाने गई 12-सदस्यीय टीम खुद फँसी, राशन हो रहा खत्म

वे खराब मौसम में एक पहाड़ी पर फँस गए हैं, जहाँ से उन्हें न तो वायु सेना हेलीकॉप्टरों की मदद से एयरलिफ्ट कर सकती है और न ही वह खुद बारिश के कारण खतरनाक हो गए रास्ते पर पूरे दिन भर की जोखिम-भरी ट्रेकिंग कर के निकटतम गाँव तक पहुँच सकते हैं।

मेरठ पलायन: ‘सिर्फ प्रहलाद नगर नहीं, डर के कारण 30 कॉलनियों के हिंदू अपने मकान बेचने को मजबूर’

"प्रहलाद नगर ही नहीं, मेरठ के चार थाना क्षेत्रों - कोतवाली, देहलीगेट, लिसाड़ी गेट और नौचंदी थाना क्षेत्र के करीब 30 मोहल्‍लों से 'संप्रदाय विशेष' से डर कर हिंदू आबादी अपना मकान बेचकर जा चुकी है।"

सुषमा स्वराज ने छोड़ा सरकारी आवास, इससे पहले जेटली भी पेश कर चुके हैं नज़ीर

सुषमा स्वराज, सरकार और लोगों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी थीं। कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने सरकार के शुरुआती महीनों में स्वराज को मोदी के लिए चुनौती के रूप में देखा। उन्होंने अपनी भूमिका में तालमेल बिठाया और पहली बार विदेश मंत्रालय को एक मानवीय चेहरा दिया।

‘मेरे घर के बाहर गांजा मत पिओ’ – सिर्फ इतनी सी बात पर मंगरू की हत्या: साजिद, आज़म और रमज़ान गिरफ़्तार

मोहम्मद साज़िद, आज़म अंसारी और रमज़ान अंसारी गांजा पी रहे थे। कहाँ - मंगरू पाहन के घर के बाहर। मंगरू ने विनम्रतापूर्वक इन तीनों से उसके घर के बाहर गांजा न पीने का अनुरोध किया। लेकिन, तीनों में से एक को मंगरू की बात इतनी नागवार गुज़री कि उसने ग़ुस्से में मंगरू के पेट में छुरा घोंप दिया और वहाँ से भाग गया।