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₹50 हजार-1 लाख में बेचे गए राहुल गाँधी की प्रेस मीट के पास: कॉन्ग्रेस नेता ने लगाया गंभीर आरोप

त्यागराजन को पार्टी में पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम का करीबी माना जाता था। उन्हें गुरुवार को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

कॉन्ग्रेस पार्टी से निलंबित नेता कराते आर त्यागराजन ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। त्यागराजन ने तमिलनाडु कॉन्ग्रेस कमिटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर गोपन पर राहुल गाँधी के प्रेस मीट को 50,000 रुपए से 1,00,000 रुपए में बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ऐसा कैसे हो सकता है? ये सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक है और वो इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त से करेंगे।

त्यागराजन को पार्टी में पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम का करीबी माना जाता था। उन्हें गुरुवार (जून 27, 2019) को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। पार्टी से निष्कासन पर कराते ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने बताया कि आंतरिक बैठक में 7 लोग थे, सभी ने डीएमके के खिलाफ अपनी अस्वीकृति व्यक्त की, लेकिन केवल उन्हें बलि का बकरा बनाया गया और उनके शब्दों को मीडिया में प्रकाशित किया गया। साथ ही त्यागराजन ने ये भी आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी नोटिस के पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया।

कॉन्ग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने त्यागराजन के पार्टी से निष्कासन पर कहा कि अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस समिति ने तमिलनाडु कॉन्ग्रेस के महासचिव द्वारा त्यागराजन के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने और अनुशासन भंग करने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके आधार पर उन्हें तुरंत प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया गया। आंतरिक बैठक में कराते त्यागराजन ने प्रस्ताव दिया था कि कॉग्रेस पार्टी को अपने गठबंधन सहयोगी डीएमके के बिना आगामी स्थानीय निकाय चुनाव अपने दम पर लड़ना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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