उन्होंने दावा किया है कि विश्वनाथ प्रताप सिंह के आदेश के बाद उनका एनकाउंटर करने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन भारी जनसमर्थन के कारण ये साजिश विफल हो गई।
जिन्हें दोषी साबित किया गया है, उनके नाम हैं - नस्सर, साजिल, नजीब, नौशाद, कुंजू और अयूब। वहीं शफीक, अजीज, रफ़ी, सुबैर और मंसूर को दोषमुक्त करार दिया गया।
सलमान खुर्शीद ने उसकी तरफ से पैरवी करते हुए कहा था कि गवाहों के शुरुआती बयानों में ताहिर हुसैन का नाम कहीं नहीं आया था और उसके खिलाफ कोई खास एक्ट्स नहीं लगाए गए थे।