प्रकाश अंबेडकर ने बताया 1988-91 में जब शरद पवार मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने दुबई में दाऊद इब्राहिम से मुलाकात की थी। वह पूछते हैं कि क्या केंद्र ने ऐसा करने की मंजूरी दी थी।
पुलिस ये छानबीन कर रही है कि पाकिस्तानी परिवारों का कोई आपराधिक बैकग्राउंड है या नहीं। अगर नहीं, तो फिर उन्हें वापस उनके मुल्क भेजने की प्रक्रिया की जाएगी।
पाकिस्तानी परिवार को भारत में फर्जी पहचान के साथ लाने का काम मेहदी फाउंडेशन का था। इस संस्था ने ही परिवार के फर्जी पहचान पत्र से लेकर अन्य फर्जी दस्तावेज बनवाए थे।