Wednesday, July 24, 2024
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‘मेरी माँ को वेश्या बना दिया, छिपकर रहना पड़ रहा है’: बच्ची से प्रमोशन, नेहरू के सीन के बाद नए विवाद में गंगूबाई काठियावाड़ी

गंगूबाई के बेटे के वकील ने बताया, "पूरा परिवार ट्रेलर रिलीज होने के बाद स्तब्ध है। जिस तरह से गंगूबाई को दिखाया गया वो गलत और निराधार है। ये घटिया है। आप एक सामाजिक कार्यकर्ता को वेश्या के रूप में पेश किया है...।"

संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनीं आलिया भट्ट की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ अपनी रिलीज डेट से 10 दिन पहले विवादों में आ गई है। इस फिल्म के ख़िलाफ़ गंगूबाई के घरवालों ने ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। परिजनों का कहना है कि गंगूबाई को इस फिल्म में सोशल वर्कर से ज्यादा प्रॉस्टिट्यूट दिखाया गया है।

गंगूबाई के किरदार पर तैयार हुई फिल्म में आलिया भट्ट और अजय देवगन को देखकर गंगूबाई के बेटे बाबू रावजी और उनकी पोती भारती बिलुकल खुश नहीं हैं। इस संबंध में उनकी ओर से 2021 को एक याचिका भी दायर की गई थी और मुंबई कोर्ट ने इस बाबत संजय लीला भंसाली व एक्ट्रेस आलिया भट्ट को समन भी दिया था। हालाँकि बाद में इस फिल्म की रिलीज पर स्टे लगाने से कोर्ट ने इनकार कर दिया और साथ ही कोई आपराधिक मानहानि का केस चलाने से भी अंतरिम तौर पर मना कर दिया। मामला अब भी लंबित है।

माँ को बना दिया वेश्या-गंगूबाई के बेटे

मीडिया से बात करते हुए गंगूबाई के बेटे ने कहा, “मेरी माँ को वेश्या बनाकर रख दिया। लोग अब मेरी माँ के बारे में बेवजह की बातें कर रहे हैं।” गंगूबाई के बेटे के वकील ने बताया, “पूरा परिवार ट्रेलर रिलीज होने के बाद स्तब्ध है। जिस तरह से गंगूबाई को दिखाया गया वो गलत और निराधार है। ये घटिया है। आप एक सामाजिक कार्यकर्ता को वेश्या के रूप में पेश किया है। कौन सा परिवार इस फिल्म को पसंद करेगा। आपने गंगूबाई को एक डायन और लेडी डॉन की तरह दिखाया है।”

फिल्म के ख़िलाफ़ 2021 में दर्ज हुई याचिका

वकील ने बताया, “हमारी लड़ाई 2020 में ही शुरू हुई थी जब बाबू रावजी शाह को पता चला था कि गंगूबाई पर फिल्म बन रही है। इसके बाद से परिवार छिपता फिर रहा है। वो घर बदल रहे हैं। कभी अंधेरी कभी बोरिवली। कई रिश्तेदार इस चित्रण पर सवाल करते हैं। पूछते हैं कि गंगूबाई क्या सच में वेश्या थीं न कि सामाजिक कार्यकर्ता। कोई भी शांति से नहीं रह पा रहा है।” गंगूबाई के परिजनों के वकील बताते हैं, “हमने संजय लीला बंसाली और हुसैन जैदी (जिनकी किताब से गंगूबाई को किरदार उठाया गया) को नोटिस भेजा। लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।”

फिल्म बनाने से पहले नहीं ली गई सहमति- गंगूबाई की नातिन

वहीं गंगूबाई की नातिन भारती ने कहा, “फिल्म के मेकर्स ने पैसों के लालच में आकर मेरे परिवार को डी-फेम कर दिया है। यह बिल्कुल भी एक्सेप्ट नहीं किया जा सकता है। मेकर्स ने फिल्म बनाने के लिए परिवार की सहमति भी नहीं ली है और न ही बुक के लिए कोई हमारे पास आया था।” दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, गंगूबाई की नातिन कहती हैं, 

“मेरी नानी कमाठीपुरा में रहती थीं, तो क्या वहाँ रहने वाली हर औरत वेश्या हो गई। मेरी नानी ने वहाँ 4 बच्चों को एडॉप्ट किया था, जो प्रॉस्टिट्यूट के ही बच्चे थे। मेरी माँ का नाम शकुंतला रंजीत कावी, दूसरे बेटे का नाम रजनीकांत रावजी शाह, तीसरे बेटे का नाम बाबू रावजी शाह और चौथी बेटी है, जिसका नाम सुशीला रेड्डी है। हम उन्हीं के परिवार से हैं। मेकर्स ने हमें ही अवैध करार दे दिया है। हमारी नानी ने जब एडॉप्शन किया था, उस वक्त इसके कानून नहीं बने थे।”

भारती कहती हैं, “हम लोग अपनी नानी की कहानियाँ गर्व से बताते थे। लेकिन ट्रेलर रिलीज होने के बाद लोग हमसे पूछ रहे हैं कि क्या वो वेश्या थीं। मेरी नानी ने सेक्स वर्कर्स के उद्धार के लिए काम किया। लेकिन इन लोगों ने मेरी नानी को क्या बना दिया।”

बता दें कि गंगूबाई ने 1949 में 4 बच्चों को गोद लिया था। आज उनकी फैमिली में 20 मेंबर्स हो चुके हैं। इतने सालों से अपनी जिंदगी जी रहे गंगूबाई के फैमिली मेंबर्स फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के साथ ही समाज में कई सवालों से घिर गए हैं। गंगूबाई के परिवार वालों को तो यह भी नहीं पता था कि उनकी माँ पर कोई बुक भी लिखी जा चुकी है।

गंगूबाई पर विवाद

उल्लेखनीय है गंगूबाई काठियावाड़ी के ट्रेलर रिलीज के बाद से ये फिल्म सोशल मीडिया पर चर्चा में है। हाल में आलिया भट्ट की एक्टिंग एक बच्ची द्वारा किए जाने पर ये फिल्म चर्चा में आई थी। इसके अलावा इस फिल्म में पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू से जुड़े सीन भी खासी बातचीत का हिस्सा हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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