Monday, May 20, 2024
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हर सड़क पर लाउडस्पीकर से अजान सुनने का देखा था ख्वाब… लोगों का गुस्सा देख खुद की जमीन पर मस्जिद बनाने का प्लान भी कैंसल

किम का मस्जिद बनवाने का फैसला कोरिया के लोगों को नहीं पसंद आया। उन्होंने उसका विरोध करना शुरू कर दिया और कहा- "अगर इस्लाम इतना ही पसंद है तुम्हें तो तुम अरब देश में चले जाओ... मस्जिद बन जाने से तो सिर्फ सिर्फ घर की कीमतें इलाके में कम होंगीं।"

कोरिया का पॉप स्टार गायक ‘किम दाऊद’ साल 2019 में मुस्लिम बनने के बाद से इस्लाम प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ता। हाल में उसने अपने इंस्टाग्राम पर जानकारी दी थी कि वो कोरिया में मस्जिद बनवा रहा है और इसके लिए उसने जमीन भी खरीद ली है।

किम ने यह सूचना देते हुए अपनी जो खुशी जाहिर की थी वो ज्यादा देर नहीं रह पाई क्योंकि स्थानीय विरोध और प्रशासन से सहयोग के बिना उसे ये योजना रद्द करनी पड़ी। वहीं जमीन के मालिक ने भी उससे किया कॉन्ट्रैक्ट तोड़ दिया।

किम द्वारा मस्जिद के लिए जमीन खरीदी जाने की बात मीडिया में काफी चर्चा में आई थी। उसने अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो डालकर घोषणा की थी कि थी कि वो मस्जिद के लिए जमीन ले चुका है। इस दौरान उसके हाथ में एक कॉन्ट्रैक्ट भी था जिसके अनुसार उसने 384.4 स्क्वॉयर मीटर जमीन योनजोंग द्वीप के इंचियन में 1 करोड़ 13 लाख 72 हजार 497 रुपयों में ली थी।

अपनी वीडियो में उसने इस प्रोजेक्ट के लिए डोनेशन माँगी थाी और इसके लिए बैंक जानकारी भी साझा की थी। उसने कहा था- “मुझे आर्थिक सहायता चाहिए ताकि मस्जिद बन सके। अगर आप मदद करना चाहते हैं तो यहाँ सहायता करें। बहुत मुश्किलें आएँगी लेकिन मुझे लगता है कि मैं कर लूँगा। जब तक कोरिया की हर सड़क आजान की खूबसूरत आवाज से नहीं गूँजता मैं अपना सर्वश्रेष्ठ करता रहूँगा।”

स्थानीयों से लेकर प्रशासन तक ने लताड़ा

किम के इस पोस्ट को दुनिया भर के इस्लामवादियों ने सराहा। लेकिन कोरिया के लोगों को किम का ये ढंग नहीं पसंद आया। उन्होंने उसका विरोध करना शुरू कर दिया और कहा- “अगर इस्लाम इतना ही पसंद है तुम्हें तो तुम अरब देश में चले जाओ… मस्जिद बन जाने से तो सिर्फ सिर्फ घर की कीमतें इलाके में कम होंगीं।”

स्थानीय विरोध के अलावा किम को इस काम के लिए प्रशासन की मंजूरी लेना भी मुश्किल काम हो गया। प्रशासन ने कहा कि दाऊद को जिस जगह मस्जिद बनानी है वहाँ पर सड़क की हालत देखते हुए इमारत बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।” वहीं योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि किम अभी उस भूमि के मालिक नहीं है जहाँ वो मस्जिद बनाने की बात कर रहे हैं। मालिक ने उनके साथ कॉन्ट्रैक्ट तोड़ दिया है।

मुस्लिम फेडरेशन का नहीं मिला समर्थन

इसके अतिरिक्त कोरिया सरकार के साथ आधिकारिक तौर पर पंजीकृत एकमात्र इस्लामी संगठन कोरिया मुस्लिम फेडरेशन (केएमएफ) ने पिछले हफ्ते कोरिया टाइम्स को बताया कि किम की मस्जिद बनाने की योजना उनकी निजी परियोजना है। समूह ने कहा, “कोरिया मुस्लिम फेडरेशन से जुड़ी देश भर की सभी मस्जिदें केएमएफ के नाम से पंजीकृत हैं, और किसी को भी किसी व्यक्ति के नाम पर पंजीकरण करने या मस्जिद के निर्माण के लिए धन जुटाने की अनुमति नहीं है।”

कोरियन मुस्लिम फेडरेशन के अनुसार, कोरिया में 19 मस्जिद हैं और 350000 कोरियन मुस्लिम हैं जबकि 150,000 मुस्लिम कोरिया से बाहर के आकर यहाँ रहते हैं। इनमें से 120,000 श्रमिक हैं और 30,000 छात्र और व्यवसायी हैं जोकि उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और पाकिस्तान से आएँ हैं।

यौन उत्पीड़न का आरोप

गौरतलब है कि किम के ऊपर साल 2020 में यौन उत्पीड़न का इल्जाम भी लगा था। एक महिला ने दावा किया था कि किम ने 2019 में उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। वीडियो वायरल होने के बाद किम ने इस संबंध में माफी भी माँगी थी। उन्होंने कहा था कि ऐसी घटना घटी है लेकिन उन्होंने समझौता कर लिया है।

बता दें कि इस समय किम के यूट्यूब पर 50 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं और इंस्टाग्राम पर 30 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं। उसने 2019 सितंबर में ईसाई धर्म छोड़कर अपने मुस्लिम बनने का ऐलान किया था। इसके बाद ये पूर्व गायक अब चर्चा में आया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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