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सूरत में परमाणु हमले की साजिश, नेपाल के माओवादियों से साँठगाँठ : यासीन भटकल समेत 11 आतंकियों पर चलेगा देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का केस

कोर्ट ने कहा है कि यासीन भटकल न केवल आतंकी गतिविधियों में संलिप्त था बल्कि हथियार इकट्ठा करने तथा आईईडी और अन्य विस्फोटक बनाने का काम कर रहा था।

दिल्ली की एक अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के सरगना यासीन भटकल और मोहम्मद दानिश समेत उसके 11 गुर्गों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में आरोप तय किए। इन सभी पर साल 2012 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने शुक्रवार (31 मार्च 2023) को फैसला सुनाते हुए कहा है कि आरोपितों के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। इन आरोपितों ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए साजिश रची थी।

कोर्ट ने कहा है कि यासीन भटकल न केवल आतंकी गतिविधियों में संलिप्त था बल्कि हथियार इकट्ठा करने तथा आईईडी और अन्य विस्फोटक बनाने का काम कर रहा था। इसके लिए वह नेपाल में बैठे माओवादियों से भी सहायता ले रहा था। कोर्ट ने यह भी कहा है कि पेश किए गए सबूतों में यासीन भटकल की एक चैट भी थी। इस चैट से सूरत में परमाणु बम ब्लास्ट करने की साजिश का खुलासा हुआ है। इस बम ब्लास्ट से पहले इलाके से मुस्लिमों को हटाने की योजना बनाई गई थी।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के तहत आरोपित आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर नए लोगों की भर्ती कर रहे थे। इसमें पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के साथ ही भारत में सक्रिय स्लीपर सेल भी सहयोग कर रहा था। इन लोगों का उद्देश्य भारत के विभिन्न हिस्सों खासतौर से राजधानी दिल्ली में बम विस्फोट कर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था।

इस पूरे मामले की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट से कहा है कि इंडियन मुजाहिदीन के गुर्गों और उसके सहयोगी संगठनों को आतंकी गतिविधियों को आगे बढाने के लिए हवाला के जरिए विदेशों से बड़े पैमाने पर पैसा मिल रहा था। ये आतंकी बाबरी मस्जिद, गुजरात दंगों समेत अन्य घटनाओं को मुस्लिमों के ऊपर हो रहे अत्याचार के रूप में बताकर मुस्लिम युवकों का माइंडवॉश कर उन्हें कट्टरपंथी बना रहे थे।

पटियाला हाउस कोर्ट ने यासीन भटकल, मोहम्मद दानिश अंसारी, मोहम्मद आफताब आलम, इमरान खान, सैयद, ओबैद योर रहमान, असदुल्ला अख्तर, उजैर अहमद, मोहम्मद तहसीन अख्तर, हैदर अली और जिया योर रहमान के खिलाफ आरोप तय किए हैं। हालाँकि कोर्ट ने सबूतों के आभाव में मंजर इमाम, आरिज खान और अब्दुल वाहिद सिद्दिबप्पा को बरी कर दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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