Homeदेश-समाजअब कर्नाटक के जामिया मस्जिद पर उठे सवाल, बोले हिन्दू संगठन- टीपू सुल्तान ने...

अब कर्नाटक के जामिया मस्जिद पर उठे सवाल, बोले हिन्दू संगठन- टीपू सुल्तान ने तोड़ा था हनुमान मंदिर, दीवार-खम्भे बताते हैं सच्चाई

कर्नाटक के पूर्व मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने दावा किया था कि मुस्लिम नेताओं ने भी स्वीकार किया है कि मस्जिद से पहले वहाँ एक मंदिर था और मुगल शासन के दौरान लगभग 36,000 मंदिरों को तोड़ा या क्षतिग्रस्त किया गया था। उन्होंने कहा था, "हम बिना कोई परेशानी पैदा किए सुप्रीम कोर्ट के नियम के मुताबिक सभी मंदिरों को दोबारा हासिल करेंगे।"

वाराणसी के ज्ञानवापी विवादित ढाँचे (Varanasi Gyanvapi Controversial Structure) के मंदिर होने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद कर्नाटक (Kanataka) में इस्लामी शासक टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) द्वारा बनवाई गई मस्जिद में पूजा-अर्चना करने की अनुमति हिंदू संगठनों ने माँगी है। इन संगठनों का कहना है कि विजयनगर साम्राज्य के श्रीरंगपट्टन किले (Srirangapatna Fort) में मौजूद जामिया मस्जिद (Jamia Masjid), जिसे मस्जिद अल-्अला (Masjid Al-Ala) भी कहा जाता है, एक हनुमान मंदिर है। इसकी दीवारों और खंभों से यह स्पष्ट है।

नरेंद्र मोदी विचार मंच के नेताओं का कहना है कि प्रदेश की राजधानी बेंगलुरु से 120 किलोमीटर दूर श्रीरंगपट्टन के किले में स्थित पूजा-अर्चना की माँग को लेकर मांड्या जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इसमें पूजा करने और परिसर में स्थित तालाब में स्नान करने की अनुमति माँगी है। मंच के राज्य सचिव सीटी मंजूनाथ ने कहा कि यह हनुमान मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है।

संगठन के लोगों का दावा है कि इस हनुमान मंदिर का नाम आंजनेय मंदिर था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बात के ऐतिहासिक प्रमाण मौजूद हैं कि विजयनगर साम्राज्य पर कब्जा करने के बाद मंदिर को मस्जिद में बदलने को लेकर टीपू सुल्तान ने फारस के राजा खलीफ को पत्र लिखा था। संगठन के लोगों ने पुरातत्व विभाग (ASI) से आग्रह किया कि वह इन दस्तावेजों पर विचार कर मामले की जाँच करे। बता दें कि यह किला इसकी इमारतें ASI के अधीन हैं।

वहीं, काली मठ के ऋषि कुमार स्वामी नाम के एक व्यक्ति का दावा है कि साल 1784 में हनुमान मंदिर को ध्वस्त करने के बाद टीपू सुल्तान द्वारा मस्जिद का निर्माण कराया था। उन्होंने कहा कि यह साबित करने के लिए मस्जिद में शिलालेख मौजूद है। मस्जिद के अंदर तत्कालीन होयसला साम्राज्य का प्रतीक है। बता दें कि मस्जिद गिराने की धमकी के आरोप में स्वामी गिरफ्तार भी हो चुके हैं। फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं। वहीं, पूजा की इजाजत माँगने के बाद मस्जिद कमिटी ने सुरक्षा की माँग की है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कर्नाटक के पूर्व मंत्री केएस ईश्वरप्पा (KS Eshwarappa) ने दावा किया था कि मुस्लिम नेताओं ने भी स्वीकार किया है कि मस्जिद से पहले वहाँ एक मंदिर था और मुगल शासन के दौरान लगभग 36,000 मंदिरों को तोड़ा या क्षतिग्रस्त किया गया था। उन्होंने कहा था, “हम बिना कोई परेशानी पैदा किए सुप्रीम कोर्ट के नियम के मुताबिक सभी मंदिरों को दोबारा हासिल करेंगे।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -