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जम्मू कश्मीर में बुलडोजर चला कर ध्वस्त किया गया आतंकी का अवैध अतिक्रमण, POK में बैठ कर भारत के खिलाफ साजिश रचता है गुलाम नबी

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उसे UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम) के तहत आतंकी घोषित किया जा चुका है। वो नब्बे के दशक में ही POK में जा चुका है।

जम्मू कश्मीर में अब आतंकवादियों के खिलाफ भी बुलडोजर वाली कार्रवाई कर के उन्हें वित्तीय रूप से नुकसान पहुँचाने की कार्रवाइयाँ शुरू कर दी जा चुकी हैं। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग में शनिवार (31 दिसंबर, 2022) की सुबह ये कार्रवाई की गई। हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी के घर के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों की एक जॉइंट टीम ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई को अंजाम दिया और आतंकियों को एक कड़ा संदेश दिया।

ये कार्रवाई अनंतनाग के डीएम की अध्यक्षता में लिवर नामक गाँव में हुई। आतंकी गुलाम नबी खान के परिसर को जिस दीवार ने घेर रखा था, उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। बता दें कि गुलाम नबी खान पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर (POK) में रहता है और उसने अनंतनाग में अवैध कब्ज़ा कर रखा था। ये दीवार सरकारी जमीन पर बनी हुई थी। वो ‘आमिर खान’ और ‘सैफुल्लाह खालिद’ के नाम से भी जाना जाता है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उसे UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम) के तहत आतंकी घोषित किया जा चुका है। वो नब्बे के दशक में ही POK में जा चुका है। अनंतनाग में स्थानीय पंचायत के कहने पर उसके विरुद्ध ताज़ा कार्रवाई हुई है। कुछ ही सप्ताह पहले जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी आशिक नेगरू के घर को भी पुलवामा में इसी तरह ध्वस्त किया गया था। वो 2019-19 में POK में चला गया था। पुलवामा के जिस हमले में 40 जवान बलिदान हो गए थे, उसके साजिशकर्ताओं में वो भी शामिल था।

नेंगरू का बड़ा भाई अब्बास अहमद नेंगरू भी जैश ए मोहम्मद का एक एक्टिव आतंकवादी था, जिसे सिक्योरिटी फोर्सेस ने 2014 में ही ढेर कर दिया गया था। पुलिस के मुताबिक, उसका दूसरा भाई मंजूर अहमद नेंगरू इसी साल सितंबर में एक बगीचे में मृत पाया गया था। चौथा भाई रियाज भी आतंकी हमले के एक मामले में जेल में कैद है। नेंगरू फरवरी 2020 में ही लापता हो गया था, जब एनआईए की ओर से उसे पूछताछ के लिए तलब किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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