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धार्मिक स्थानों पर जाने वाली ट्रेनों में केवल शाकाहारी भोजन, वैष्णो देवी जाने वाली ‘वन्दे भारत’ सहित 18 ट्रेनों को ‘सात्विक सर्टिफिकेट’

सात्विक काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि वह 15 नवंबर से IRCTC के साथ 'सात्विक' सर्टिफिकेशन योजना की शुरुआत करने जा रहा है। यह आईआरसीटीसी के साथ संयुक्त रूप से शाकाहारी रसोई की एक हैंडबुक भी विकसित करेगी।

शाकाहार को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक स्थानों के रूट पर चलने वाली ट्रेनों को ‘सात्विक प्रमाण-पत्र’ दिया जाएगा। दिल्ली से कटरा तक जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को सात्विक प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। प्रमाणन सेवा से जुड़े भारतीय सात्विक परिषद (सात्विक काउंसिल ऑफ इंडिया- SCI) ने बयान जारी कर इसके बारे में बताया है। परिषद का कहना है कि इस संबंध में उसका IRCTC से समझौता हुआ है। इसके तहत कुछ ट्रेनों को ‘सात्त्विक प्रमाणित’ करवाकर ‘शाकाहारी-अनुकूल यात्रा’ दिया जाएगा।

सात्विक काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उसका भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) के साथ शाकाहारी लोगों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए एक समझौता हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, IRCTC द्वारा दिल्ली से जम्मू-कश्मीर के कटरा तक वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जाता है, सात्त्विक’ के रूप में प्रमाणित किया जाएगा। बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली से कटरा वैष्णो देवी के बीच चलती है।

सात्विक काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि वह 15 नवंबर से IRCTC के साथ ‘सात्विक’ सर्टिफिकेशन योजना की शुरुआत करने जा रहा है। यह आईआरसीटीसी के साथ संयुक्त रूप से शाकाहारी रसोई की एक हैंडबुक भी विकसित करेगी। हालाँकि, आईआरसीटीसी की ओर से इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इसके अंतर्गत न केवल ट्रेन को सर्टिफाइड करने की योजना है, बल्कि इसमें एक बेस किचन भी होगा। अधिकारी ने कहा कि इसी किचन से भविष्य में भोजन लिया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली और कटरा में दो लाउंज और जिंजर होटल की एक मंजिल को भी शामिल किया गया है। सात्विक काउंसिल ऑफ इंडिया के विश्लेषक के अनुसार, वंदे भारत जैसी 18 और ट्रेनों को सर्टिफाइ़ड कराने की योजना है, जिसमें वाराणसी जाने वाली वंदे भारत भी शामिल है।

इस मामले में सात्विक के विटुरव पाठक ने कहा, “हम भविष्य के डिजिटल विकल्पों पर विचार कर रहे हैं कि सात्विक-प्रमाणित ट्रेन में शाकाहारी यात्रियों के लिए पीएनआर ऐसा है कि यात्री ई-केटरिंग के माध्यम से बाहर से खाना भी मंगवा नहीं सकते हैं, क्योंकि उन्हें ऑर्डर करने के लिए केवल शाकाहारी विकल्प ही मिलेंगे।” सात्विक ने कहा, “शाकाहारी लोग पर्यटन के क्षेत्र में एक प्रभावशाली उपभोक्ता वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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