हांगकांग में बुधवार (26 नवंबर 2025) की रात लगी भीषण आग ने चारों तरफ अफरा-तफरी मचा दी। ताई पो जिले के वांग फुक कोर्ट आवासीय कॉम्प्लेक्स की 8 में से 7 इमारतें आग की चपेट में आ गईं। इस हादसे में अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
फायर ब्रिगेड, पुलिस और पैरामेडिक्स की टीम रातभर रेस्क्यू में जुटी रही उसके बाद भी गुरुवार (27 नवंबर 2025) की सुबह तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।
पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आग 32 मंजिला इमारत की बाहरी स्कैफोल्डिंग से शुरू हुई और तेज हवाओं के कारण देखते ही देखते दूसरी इमारतों में फैल गई। इमारतों की बाहरी दीवारों में इस्तेमाल हुई ज्वलनशील सामग्री और हर फ्लोर पर मिली स्टायरोफोम ने आग को और तेजी से फैलाया।
पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक इंजीनियरिंग सलाहकार और दो कंपनी डायरेक्टर शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना गंभीर लापरवाही का नतीजा है और इन पर गैर-इरादतन हत्या का केस चल सकता है।
900 लोगों को आश्रय स्थलों में किया गया शिफ्ट
घटना में 62 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई को आग से झुलसने और धुएँ के कारण सांस संबंधी तकलीफ हुई है। करीब 900 लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में शिफ्ट किया गया है। राहत कार्य में दर्जनों लैडर ट्रकों, सैकड़ों फायरफाइटर्स और मेडिकल टीमों को लगाया गया है।
बचाव दल का कहना है कि इमारतों के बाहर लगी बांस की स्कैफोल्डिंग से उठती तेज लपटें और घना धुआँ राहत कार्य को मुश्किल बना रहा है।
सभी आधिकारिक प्रचार अभियान स्थगित
इस हादसे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। वहीं हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली ने कहा है कि सरकार इस घटना को प्राथमिकता के साथ देख रही है।
उन्होंने 7 दिसंबर 2025 के लेजिस्लेटिव चुनाव के लिए चल रहे सभी आधिकारिक प्रचार अभियान को रोक दिया है। चुनाव टालने पर फैसला आने वाले दिनों में लिया जाएगा।
बता दें कि 1980 के दशक में बने इस आवासीय कॉम्प्लेक्स में लगभग 2 हजार अपार्टमेंट और करीब 4,800 लोग रहते हैं। आग पूरी तरह बुझने और मलबे से लापता लोगों की तलाश पूरी होने में और समय लग सकता है। इसे हांगकांग की हाल के दशकों की सबसे भीषण आग माना जा रहा है।

