48 घंटे और फिर ईरान पर कहर बरपेगा: ट्रंप की ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ खोलने को लेकर धमकी, तेहरान में हमले का वीडियो शेयर कर कहा- ‘कई शीर्ष सैन्य नेता खत्म’

अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आक्रामक नजर आ रहे हैं। ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर धमकी देने के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर ईरान पर किए गए हमले का एक वीडियो पोस्ट में किया है। ट्रंप ने कहा कि तेहरान में हुए ‘भारी हमले’ में ईरान के कई शीर्ष सैन्य नेताओं को ‘खत्म’ कर दिया गया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि ईरान के कई सैन्य नेता जो देश का ‘गलत और अविवेकपूर्ण तरीके से नेतृत्व कर रहे थे’ इस बड़े हमले में मारे गए हैं। उन्होंने इसे तेहरान पर किया गया एक निर्णायक और व्यापक हमला बताया। इस दावे के साथ एक 1 मिनट 7 सेकंड का वीडियो भी साझा किया गया जिसमें तेहरान के आसमान में जोरदार धमाकों की चमक दिखाई दे रही है।

वीडियो में शहर की स्काईलाइन पर विस्फोटों की रोशनी साफ देखी जा सकती है जिससे हमले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है। यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और युद्ध को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। इसी बीच अमेरिका को भी युद्ध के मैदान में नुकसान झेलना पड़ रहा है जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।

‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर 48 घंटे का अल्टीमेटम

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को एक कड़ा अल्टीमेटम भी जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे बेहद निर्णायक हो सकते हैं। ट्रंप ने 26 मार्च को दिए गए अपने पहले के डेडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि ईरान के पास अब केवल दो विकल्प हैं कि या तो वह अमेरिका के साथ समझौता करे या फिर ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को खोल दे।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “मैंने ईरान को 10 दिन दिए थे कि या तो डील करो या स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलो। अब समय खत्म हो रहा है और 48 घंटे बाकी हैं इसके बाद उन पर कहर बरपेगा।”

ट्रंप के अनुसार, ईरान ने शुरुआत में अमेरिका से उसके ऊर्जा ढाँचे पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए 7 दिन का समय माँगा था। इसके बाद अमेरिका ने डेडलाइन बढ़ाकर 10 दिन कर दी, जो अब 6 अप्रैल को समाप्त होने जा रही है।

वहीं, एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी अधिकारियों ने बैकचैनल के जरिए अमेरिका से संपर्क किया है और मौजूदा तनाव के बीच और समय की माँग की है। हालाँकि, ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिका की शर्तें नहीं मानीं तो उसके महत्वपूर्ण ढाँचों खासकर ऊर्जा क्षेत्र पर सीधे हमले किए जा सकते हैं।