भारत लगातार अपनी सामरिक और रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। इसी का नतीजा है कि दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट में भारत की बढ़ती परमाणु शक्ति को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। परमाणु बम बनाने के मामले में भारत की स्पीड अब लगभग चीन के बराबर पहुँच गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपने परमाणु हथियारों के जखीरे में बढ़ोतरी की है और पहली बार उसके कुछ परमाणु वॉरहेड ऑपरेशनल तैनाती की श्रेणी में भी दर्ज किए गए हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत अब केवल परमाणु हथियारों का भंडार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी त्वरित तैनाती की क्षमता भी मजबूत कर रहा है।
भारत ने बढ़ाई परमाणु ताकत, पहली बार ऑपरेशनल तैनाती का जिक्र
SIPRI ईयरबुक 2026 के अनुसार, भारत के पास अब अनुमानित 190 परमाणु वॉरहेड हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 180 थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने 2025 के दौरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम का विस्तार जारी रखा और नई पीढ़ी की डिलीवरी प्रणालियों के विकास पर भी तेजी से काम किया।
भारत की रणनीति अब केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि चीन जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वी को ध्यान में रखकर लंबी दूरी की मारक क्षमता विकसित करने पर केंद्रित है। रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहली बार भारत के 12 परमाणु वॉरहेड को ‘तैनात’ यानी ऑपरेशनल श्रेणी में दिखाया गया है।
इसका मतलब है कि ये हथियार जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। भारत की परमाणु त्रिस्तरीय क्षमता (न्यूक्लियर ट्रायड) में नौसेना की अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बियाँ, वायुसेना के लड़ाकू विमान और अग्नि जैसी मिसाइलें शामिल हैं। यह क्षमता भारत को किसी भी संभावित खतरे के खिलाफ मजबूत प्रतिरोधक शक्ति प्रदान करती है।
पाकिस्तान की रफ्तार थमी, भारत निकला आगे
जहाँ भारत लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रहा है, वहीं पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की संख्या में पिछले एक साल के दौरान कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। SIPRI के अनुसार पाकिस्तान के पास अब भी लगभग 170 परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान भविष्य के लिए परमाणु सामग्री इकट्ठा कर रहा है, लेकिन मौजूदा समय में उसकी स्थिति भारत से पीछे है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मई 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के दौरान भी भारत ने अपने मजबूत प्रतिरोधक ढाँचे का प्रदर्शन किया और पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को प्रभावी तरीके से बेअसर कर दिया। वहीं रिपोर्ट में चीन के परमाणु हथियारों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
चीन के पास अब 620 परमाणु वॉरहेड होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 600 थे। हालाँकि SIPRI का कहना है कि भारत नई डिलीवरी प्रणालियों और लंबी दूरी की मिसाइलों के विकास पर तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में एशिया में सामरिक संतुलन बनाए रखने में भारत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।

