37 साल पहले कुपवाड़ा के जिस प्राचीन मंदिर में आग लगाकर इस्लामी कट्टरपंथियों ने जमीन पर किया था कब्जा, अब वो जगह दोबारा कश्मीरी पंडितों को मिली: भूमि पूजन की Video देख हिंदू खुश

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब क्षेत्र के चांदिगाम में दशकों के दर्द और विस्थापन के बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के एक महत्वपूर्ण हिस्से को पुनः प्राप्त किया है। इसकी जानकारी BJP जम्मू कश्मीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दी।

यह घटनाक्रम उन परिवारों के लिए भावनात्मक महत्व रखता है, जिन्हें 1990 के दशक में आतंकवाद और असुरक्षा के माहौल के कारण घाटी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। लंबे समय से अपने पुश्तैनी स्थलों और धार्मिक पहचान से दूर रहे समुदाय के लिए यह वापसी सिर्फ जमीन या संपत्ति का नहीं, बल्कि आस्था, पहचान और इतिहास से जुड़ने का प्रतीक है।

इस्लामी कट्टरपंथियों ने तोड़ा था मंदिर और आश्रम

‘कश्मीरी हिन्दू’ नाम के एक फेसबुक पेज पर बताया गया है कि 1990 में इस्लामी कट्टरपंथियों ने इस मंदिर और आश्रम पर कब्जा कर न सिर्फ उसे लूटा और जलाया बल्कि ध्वस्त कर दिया था। अब उसी पवित्र स्थल का भूमि पूजन किया गया है और जल्दी ही यहाँ एक भव्य मंदिर और आश्रम का निर्माण किया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है और इसे सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक पुनर्स्थापन की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से हुए तमाम प्रयासों के चलते विस्थापित समुदायों के पुनर्वास और उनके अधिकारों की बहाली की उम्मीद मजबूत हुई है।

हालाँकि इस तरह की पहलों को स्थायी और व्यापक बनाने के लिए सुरक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है, ताकि लौटने वाले परिवार स्थायी रूप से बस सकें और सामान्य जीवन जी सकें।