महीनों तक ‘नार्को-टेरर’ का दावा करने के बाद अमेरिका का यू-टर्न: निकोलस मादुरो से हटाया ‘Cartel de los Soles’ से जुड़े होने का केस, कहा- यह असली संगठन नहीं

अमेरिका के कानून मंत्रालय (United States Department of Justice) ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर लगाया गया यह आरोप वापस ले लिया है कि वह ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ नाम के किसी संगठन के प्रमुख हैं। यह वही कथित संगठन है जिसे अमेरिकी सरकार के कई मंचों पर एक नार्को-आतंकी (ड्रग तस्करी से जुड़ा आतंकी) संगठन बताया जाता रहा है। पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने यह दावा जोर-शोर से किया था। यही वह दौर था जब अमेरिका मादुरो को सत्ता से हटाने की जमीन तैयार कर रहा था।

अब अभियोजक नहीं मान रहे है कि ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ कोई वास्तविक संगठन है। नए आरोपपत्र के अनुसार, यह शब्द असल में ड्रग मनी से चलने वाली भ्रष्टाचार की संस्कृति और संरक्षण (पैट्रनेज) प्रणाली की ओर इशारा करता है। हालाँकि, इसके बावजूद अब भी मादुरो पर ड्रग तस्करी की साजिश में शामिल होने का आरोप है।

यह मामला पहली बार साल 2020 में सामने आया था, जब अमेरिकी न्याय विभाग की एक ग्रैंड जूरी ने मादुरो के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद जुलाई 2025 में अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ को आतंकी संगठन घोषित कर दिया था। नवंबर में ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्रालय (स्टेट डिपार्टमेंट) को भी इसी तरह की घोषणा करने के निर्देश दिए।

हालाँकि, लैटिन अमेरिका में अपराध और ड्रग तस्करी पर काम करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ असल में कोई औपचारिक संगठन नहीं बल्कि एक बोलचाल का शब्द है जिसे 1990 के दशक में वेनेजुएला के मीडिया ने उन राजनेताओं के लिए गढ़ा था, जो ड्रग मनी से भ्रष्ट हो चुके थे। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद जारी किए गए नए आरोपपत्र में न्याय विभाग ने इस बात को स्वीकार भी किया है।

नए आरोपपत्र में ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ का जिक्र सिर्फ दो बार किया गया है। इसमें कहा गया है कि मादुरो अपने पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज की तरह इस व्यवस्था में सक्रिय रूप से शामिल थे। वहीं, पिछले आरोपपत्र में इस कथित समूह का 32 बार उल्लेख किया गया था और मादुरो को इसका सीधा प्रमुख बताया गया था।

नए आरोपपत्र में यह भी कहा गया है कि ड्रग तस्करी से होने वाली कमाई और ड्रग तस्करों को संरक्षण देने से मिलने वाला पैसा भ्रष्ट नागरिक अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों के लोगों तक पहुँचता है। ये सभी लोग एक सिस्टम में काम करते हैं जिसे ऊपर बैठे लोग चलाते हैं। इसी व्यवस्था को ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ या ‘कार्टेल ऑफ द सन्स’ कहा जाता है। यह नाम वेनेजुएला के उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों की वर्दी पर लगे सूरज के चिह्न से लिया गया है।

इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप में लैटिन अमेरिका मामलों की डिप्टी डायरेक्टर एलिजाबेथ डिकिंसन ने कहा कि नए आरोपपत्र में ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ को लेकर जो कहा गया है कि वो ‘सच के करीब’ है। वहीं, 4 जनवरी को NBC के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में मार्को रुबियो ने बार-बार ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ को एक वास्तविक संगठन बताया और दावा किया था कि इसका नेतृत्व मादुरो करते हैं। मार्को रुबियो ने यह बाद नए आरोपपत्र के सामने आने के एक दिन बाद कही थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ का नाम कभी भी अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) की सालाना नेशनल ड्रग थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है। इसमें दुनिया के प्रमुख ड्रग तस्करी संगठनों की सूची होती है। इसी तरह, संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और अपराध कार्यालय (UNODC) द्वारा प्रकाशित ‘वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट’ में भी इस समूह का कभी कोई उल्लेख नहीं हुआ है।