अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अब एक बार फिर टूटता हुआ नजर आ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमला होने के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की है।
अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में मौजूद मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स पर हवाई हमले किए। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए सिंगापुर के झंडे वाले कार्गो जहाज M/V एवर लवली पर ड्रोन हमला किया था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह हमला ओमान के पास उस सुरक्षित समुद्री मार्ग में हुआ, जहाँ से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज गुजरते हैं। हालाँकि इस हमले में किसी की जान नहीं गई।
इस हमले के बाद अमेरिका भड़क गया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरान को सख्त चेतावनी दी। वेंस ने X पर लिखा, “अगर समझौते को लेकर कोई विवाद है तो बातचीत का रास्ता अपनाइए लेकिन हिंसा करोगे तो हिंसा का जवाब हिंसा से ही मिलेगा।” उन्होंने कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का पूरी तरह पालन किया है।
Iran signed a ceasefire agreement. We have honored it. If they have disagreements about how the MOU is being applied, they can pick up the phone.
— JD Vance (@JDVance) June 26, 2026
But violence will be met with violence. https://t.co/VWnBS1PWaV
वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने कार्गो जहाज पर चार ड्रोन दागे थे, जिनमें से तीन को मार गिराया गया लेकिन एक ड्रोन जहाज से टकरा गया। ट्रंप ने कहा कि ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए पलटवार का दावा किया है।

