नकली और मनगढ़ंत- सोनोवाल
उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बारे में बताया है। उनका कहना है कि शरारती तत्व गलत इरादे से इस खत को वायरल कर रहे हैं। एक्स पर उन्होंने लिखा, “यह एक गंभीर आपराधिक मामला है, जिसमें जालसाजी और सरकारी पहचान का गलत इस्तेमाल शामिल है। इसका मकसद गलत जानकारी फैलाना और एक संवैधानिक अथॉरिटी को बदनाम करना है।”
केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों से मामले की प्राथमिकता के आधार पर जाँच करने का उन्होंने अनुरोध किया है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि “यह खत और इसकी बातें पूरी तरह से नकली और मनगढ़ंत हैं। जनता और मीडिया को सलाह दी जाती है कि वे इस पर भरोसा न करें और न ही इसे सर्कुलेट करें। जानकारी सिर्फ ऑफिशियल सोर्स से ही वेरिफाई करें।”
⚠️ ALERT⚠️
— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) January 19, 2026
🚨 Official Statement 🚨
It has come to my notice that a forged letter bearing the official letterhead and fake signature of Union Minister Sarbananda Sonowal is being circulated by miscreants with malafide intent.
This constitutes a serious criminal offence… pic.twitter.com/zB3coKBYyL
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉन्ग्रेस इस साल असम में होने वाले बहुप्रतीक्षित विधानसभा चुनावों से पहले इसका इस्तेमाल करने की योजना बना रही थी। हालाँकि सोनोवाल ने छटपट इसका खुलासा उनके मनसुबे पर पानी फेर दिया। उन्होंने अधिकारियों को इसकी सूचना भी दे दी और अब दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी है।
Assam: A fake letter under the name of @sarbanandsonwal over the distribution of tickets ahead of the 2026 elections is doing rounds on the internet.
— aboyob bhuyan (@aboyobbhuyan) January 19, 2026
Congress was allegedly supposed to pick up this issue and circulate this letter.
However, (funny enough), the BJP IT Cell posted… pic.twitter.com/gN7KmiUY08
पत्र में सोनोवाल के फर्जी हस्ताक्षर और लेटरहेड का इस्तेमाल
15 जनवरी 2026 को यह खत सोनोवाल के आधिकारिक लेटरहेड से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखा गया था। इसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर भी दिख रहे हैं। इसमें चुनाव से पहले असम में प्रशासनिक और राजनीतिक दिक्कतों की पहचान करने का दावा किया गया।
भ्रष्टाचार, कुशासन, कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाए गए थे। साथ ही बेरोजगारी, महँगाई और सत्ता के दुरुपयोग जैसी कथित समस्याओं का जिक्र किया गया था। इसमें यह भी कहा गया था कि ज्यादातर लोग मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार से नाखुश हैं।
पत्र में आगे कहा गया है कि इन चुनौतियों ने पार्टी को जमीनी स्तर पर कमजोर कर दिया है और स्थानीय स्तर पर बढ़ते असंतोष के कारण लोगों का भरोसा कम हुआ है। इसमें कहा गया कि पार्टी पूरे राज्य में 35-40 सीटों से ज्यादा हासिल नहीं कर पाएगी और चुनाव हारने की कगार पर है।
सोनोवाल ने दर्ज कराया एफआईआर
केन्द्रीय मंत्री सोनोवाल ने नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में फर्जी लेटर को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सिर्फ आधिकारिक जानकारी को सही मानें। इस तरह के झूठी सामग्री पर विश्वास न करें और गुमराह होने से बचें।

