अल-कायदा और जमात के बांग्लादेशी आतंकियों ने भारत में घुसपैठ कर बनवाए फर्जी कागजात, मदरसा-मस्जिद के जरिए फैला रहे जिहाद

भारत में बांग्लादेशी घुसपैठियों ने अपनी जड़े मजबूत कर ली है। ये लोग फर्जी दस्तावेजों से भारत की नागरिकता लेकर देश के हर चुनाव में भी शामिल हो रहे हैं। साथ ही आतंकवादी गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। इसके अलावा मदरसा, मस्जिद और इमाम से जिहाद फैला रहे हैं।

अमर उजाला ने अपनी केस स्टडी में खुलासा किया गया है कि कैसे पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में घुसकर ये घुसपैठिए असम से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में जिहाद फैला रहे हैं। ऐसे कुछ दस्तावेज भी मिले हैं, जिससे विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की अहमियत भी समझ आती है।

भारत में आतंक की साजिशें रचीं

भारत में बुरहान शेख बनकर घुसा बांग्लादेश के नारायणगंज का रहने वाला रहमतुल्लाह शेख अब आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन का सरगना है। वह पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मुकिमनगर मदरसे से धार्मिक उन्माद फैलाता था। साल 2014 के बर्धमान ब्लास्ट में पकड़ा गया शेख अब UAPA के मामले में जेल में बंद है।

ऐसे ही अब्दुस सोबुर खान हसन फर्जी नामों से विस्फोटक बनाता और इसकी ट्रेनिंग देता था। पश्चिम बंगाल के बर्धमान में सक्रिय था। अब NIA के केस में बांग्लादेश जेल में बंद है।

अलकायदा का वरिष्ठ कमांडर इकरामुल होक्यू उर्फ नूर हौसैन टूरिस्ट वीजा पर बांग्लादेश से भारत आया था। देवबंद में पढ़ाई के बहाने से अलकायदा का संगठन AQIS चलाने लगा। अपने साथ-साथ बीवी के भी फर्जी दस्तावेज बनवा लिए। फिर असम, बंगाल, यूपी और उत्तराखंड में आतंकी साजिश रचीं। अप्रैल 2022 में बांग्लादेश भागने के बाद उसे काउंटर टेररिज्म एंड ट्रांसनेशनल क्राइम एजेंसी (CTTC) ने पकड़ लिया।

बांग्लादेश का मोहम्मद पश्चिम बंगाल में अब्दुल रहमान बनकर AQIS में भर्तियाँ कराता था। कूच बिहार में इस्लामी कट्टरवाद प्रचारकों के साथ उठना-बैठना था। हावड़ा में उसे आखिरी बार देखा गया था। उसके खिलाफ सासन थाने में FIR दर्ज है।

बोसीरुल इस्लाम उर्फ मिनाजुल पश्चिम बंगाल में आतंकवाद की नर्सरी पनपाने का खेल रच रहा है। मिनाजुल अलकायदा से जुड़ा है और भर्तियाँ करवाता है। असम से ताल्लुक रखने वाली इसकी बीवी दमदम जेल में बंद है।

मस्जिद-मदरसा-इमाम की आड़ में फैलाते जिहाद

हमीदुल्लाह उर्फ राजू गाजी फर्जी नामों से इमाम की आड़ में जिहाद फैलाने का काम करता है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर की मस्जिद में इमाम बनकर अंडरकवर ऑपरेशन चला रहा है। इसके नेपाल और देवबंद में भी कनेक्शन हैं। राजू गाजी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज है। वह फरार है।

मोयाज उर्फ छईपुद्दीन मियां कूच बिहार के एक गाँव की वकीता मस्जिद में इमाम बनकर साजिशे रचता था। अलकायदा से जुड़ा। AQIS सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश भाग गया। इसके खिलाफ भी सासन थाने में FIR दर्ज है।

ढाका की जामा मस्जिद का इमाम अंसार-अल-इस्लाम ने पश्चिम बंगाल से घुसपैठ की। फर्जी दस्तावेज बनाकर पश्चिम बंगाल और असम में जिहाद करने लगा। असम टास्क फोर्स ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।