बेंगलुरु जेल में आतंकी साजिश रचने वाला लश्कर आतंकी ‘छोटा उस्मान’ दोषी करार, NIA कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा, ₹30 हजार जुर्माना भी ठोका

पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी विक्रम कुमार उर्फ ‘छोटा उस्मान’ को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी NIA की विशेष अदालत ने 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा 2023 के बेंगलुरु जेल में आतंकी साजिश रचने के मामले में सुनाई गई है। कोर्ट ने उस पर 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

NIA ने शनिवार (2 मई 2026) को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी। इस फैसले के साथ मामले में दोषी ठहराए गए आरोपितों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। जाँच एजेंसी के अनुसार, छोटा उस्मान को भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं, UAPA और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी पाया गया।

छोटा उस्मान जेल में बंद रहने के दौरान कट्टरपंथ की ओर मुड़ा और टी नासिर और सह-आरोपित जुनैद अहमद के संपर्क में आया। रिहा होने के बाद भी वह लगातार इनके संपर्क में बना रहा। NIA के मुताबिक, मई 2023 में उसने हरियाणा के अंबाला से हथगोले और वॉकी-टॉकी की ‘डेड ड्रॉप’ खेप हासिल कर उसे बेंगलुरु में दूसरे आरोपित तक पहुँचाया था।

वह टी नासिर को जेल से कोर्ट ले जाते समय भगाने की साजिश में भी शामिल था। यह मामला जुलाई 2023 में सामने आया था, जब बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने शहर में आतंकी हमले की साजिश रच रहे आरोपितों के पास से हथियार, गोला-बारूद और संचार उपकरण बरामद किए थे।

बाद में अक्टूबर 2023 में NIA ने जाँच अपने हाथ में लेकर जेल के अंदर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया।