बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने नया मोड ले लिया है। भरत के भाई चंदन तिवारी ने दावा किया है कि भरत के मोबाइल फोन में करोड़ों रुपए के घोटाले से जुड़े सबूत मौजूद थे।
उनका आरोप है कि जगदीशपुर के SDM संजीत कुमार और भरत के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। चंदन का कहना है कि उनके भाई को धमकियाँ भी मिली थीं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
बाढ़ विस्थापितों के मुद्दे को लेकर प्रशासन से भिड़े थे भरत
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, भरत तिवारी पिछले कई महीनों से जवइनियाँ गाँव के बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा उठा रहे थे। सरकार की ओर से इन परिवारों को शाहपुर प्रखंड के बिलौटी मौजा में बसाया जा रहा है। यहाँ करीब 70 परिवारों को जमीन का पर्चा दिया गया है और प्रत्येक परिवार को घर बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है।
भरत का आरोप था कि जिस जमीन पर लोगों को बसाया जा रहा है, वह नीची है और वहाँ बारिश के समय पानी भर सकता है। उनका कहना था कि प्रशासन को अपने खर्च पर मिट्टी भरवानी चाहिए, लेकिन प्रभावित परिवारों से ही यह काम कराने की कोशिश की जा रही है। भरत ने हैंडपंप, बिजली और अन्य विकास कार्यों में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए थे।
फेसबुक पोस्ट और लाइव वीडियो के जरिए वह लगातार जगदीशपुर SDM संजीत कुमार और अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे। भरत का दावा था कि पुनर्वास योजना और विकास कार्यों के लिए आए फंड में गड़बड़ी हुई है और इसके सबूत उनके पास हैं।
भाई ने जाँच की माँग की, प्रशासन ने आरोपों को बताया गलत
चंदन तिवारी ने कहा है कि उनके भाई की हत्या के मामले में मुख्य आरोपित जगदीशपुर SDM हैं। उन्होंने माँग की है कि उस दिन के CCTV फुटेज की जाँच कराई जाए, जब भरत SDM कार्यालय गए थे। परिवार का आरोप है कि कार्यालय में भरत के साथ दुर्व्यवहार किया गया था और उन्हें वहाँ से भगा दिया गया था।
इस बीच वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बिहार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। उन्होंने पुनर्वास योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं और अधिकारियों की भूमिका की जाँच कराने की बात कही है।
हालाँकि भोजपुर DM तनय सुल्तानिया ने कहा है कि प्रशासन को न तो किसी 11 करोड़ या 1400 करोड़ रुपए के फंड घोटाले की शिकायत मिली है और न ही कोई सबूत उपलब्ध कराया गया है।
उनके मुताबिक बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जमीन आवंटन, आवास निर्माण, सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं का काम जारी है। DM का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है।

