उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान के खिलाफ धोखाधड़ी और विदेशी मुद्रा के दुरुपयोग को लेकर FIR दर्ज की गई है। हुदा ने ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद भी यूपी में मदरसा शिक्षा परिषद से वेतन लिया था और यहाँ भूमि लेकर मदरसे का संचालन कर रहा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार के आदेश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (डीएमओ) प्रवीण कुमार मिश्रा ने हुदा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। DMO ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि खान मदरसे के लिए बाहरी संस्थानों व व्यक्तियों से मिलकर फंड जुटाता था और उसको अलग-अलग तरीके से मदरसों तक भिजवाता था। साथ ही, वह इस फंड में अपना कमीशन भी लेता था।
शिकायत में कहा गया है कि मौलाना ने कुलियातुल बनातीर रजबिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी और रजा फाउंडेशन नामक NGO के साथ-साथ खलीलाबाद में एक मदरसा बनाकर विदेशों से धन जुटाया था। वहीं, जाँच में सामने आया कि ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद मौलाना लगातार विदेश यात्राएँ कर रहा था और भारत में इस्लामीकरण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा था।
जाँच के बाद मदरसों और NGO की मान्यता रद्द करने के साथ-साथ संबंधित विभाग द्वारा FIR दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने की जरूरत बताई गई है।

