कंबोडियन फेक जॉब स्कैम में 5000+ इंडियंस का रिक्रूटमेंट, पाकिस्तानी क्रिमिनल्स चला रहे थे पूरा गैंग: बंधक बनाकर कराते फ्रॉड, जानें- कैसे काम करता था गिरोह

कंबोडिया में जॉब स्कैम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जाँच में सामने आया है कि क्राइम नेटवर्क का पाकिस्तान से कनेक्शन है। नेटवर्क ने करीब 5000 उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के लोगों को नौकरियों का झाँसा देकर कंबोडिया और आसपास के देशों में भेजा। उनसे साइबर ठगी की गई और फिर बंधक बना कर ऑनलाइन अपराध की गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया।

पाकिस्तानी एजेंटों ने इनलोगों से संपर्क किया था। इस दौरान नकली सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर भारतीयों को बरगलाया गया। ये एजेंट उत्तर प्रदेश बिहार, पंजाब, तेलंगाना, केरल समेत कई राज्यों में एक्टिव हैं और युवाओं को विदेश में नौकरी दिलवाने का सपना दिखाते हैं।

जब लोगों को भरोसा हो जाता है तो एजेंट ही उनके टिकट, वीजा और यात्रा की पूरी व्यवस्था करवाते हैं और इस तरह से उन्हें कंबोडिया भेजा जाता है। उन्हें साइबर क्राइम सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया गया।

ताजा मामला साल 2024 का है, जब जानकारी मिली थी कि करीब 5000 भारतीय कंबोडिया में फँसे हुए हैं। इनलोगों में कई लोगों को रेस्क्यू कर भारत लाया गया है।

पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि उन्हें पाकिस्तानी एजेंटों ने फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और नकली पहचान पत्र के जरिए संपर्क किया था। इनके बयानों के आधार पर केन्द्रीय एजेंसियों ने फॉरेंसिक जाँच की तो पाया कि चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल लॉग्स सभी के एड्रेस पाकिस्तान के थे।

फॉरेंसिक विश्लेषण में इन आईपी एड्रेस को पाकिस्तान में मौजूद सर्वर और हैंडलर्स से जोड़ा गया, जिससे यह साबित हुआ कि यह एक संगठित और समन्वित नेटवर्क था, जो भारतीय युवाओं को ठगने और उनका शोषण करने में लगा था। ये सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि भारतीयों को निशाना बना कर किया गया संगठित अपराध था।

जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2024 में आयोजित ‘एंटी टेररिज्म कॉन्फ्रेंस’ में भी इस पर चर्चा हुई। पाकिस्तानी कनेक्शन की वजह से सीबीआई और एनआईए भी इस केस की जाँच से जुड़ी। पाकिस्तान से जुड़े जिन आईपी एड्रेस की पहचान हुई है, उन्हें अब सस्पेक्ट रजिस्ट्री में दर्ज कर लिया गया है।

ये रजिस्ट्री नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के आधार पर बनाई गई है। इसमें 14 लाख साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों के नाम हैं। इसे सभी बैंकों को भी भेजा गया है।

केन्द्रीय एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया के माध्यम से या किसी अनजान व्यक्ति के संपर्क में आकर विदेश जाने का मौका न तलाशें, वरना किसी मुसीबत में फँस सकते हैं। कंबोडिया जॉब स्कैम सिर्फ धोखाधड़ी का मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मामला है। इसलिए जाँच एजेंसियों की नजर बनी हुई है।