कनाडा ने खालिस्तानी आतंकी पन्नू के ‘सिख फॉर जस्टिस’ को घोषित किया आतंकी संगठन, जानें- क्या है वायरल दावे की सच्चाई

सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हो रहा है कि कनाडा सरकार ने ‘सिख फॉर जस्टिस’ को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है लेकिन यह दावा गलत और भ्रामक है। कनाडा सरकार द्वारा जारी आधिकारिक घोषणा में इसका कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है।

यह झूठा दावा तब फैलना शुरू हुआ जब एक्स पर ‘देसी मोनार्क’ नाम के एक यूजर ने पोस्ट किया, “कनाडा सरकार ने खालिस्तानी पन्नून के सिख फॉर जस्टिस ग्रुप को टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया है। यह भारतीय डिप्लोमेसी और फॉरेन अफेयर्स के लिए बड़ी जीत है।” हालाँकि, इस दावे का कोई आधिकारिक समर्थन या प्रमाण नहीं है और यह केवल सोशल मीडिया पर फैल रही सूचना गलत है।

वायरल पोस्ट में कनाडा सरकार के 10 दिसंबर 2025 के एक आधिकारिक बयान का स्क्रीनशॉट भी साझा किया गया था, जिसमें कहा गया था, “आज, पब्लिक सेफ्टी मंत्री गैरी आनंदासंगरी ने निम्नलिखित संगठनों को सूची में जोड़ने की घोषणा की 764, मैनियाक मर्डर कल्ट, सिख फॉर जस्टिस कनाडा और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS/Daesh) से संबद्ध इस्लामिक स्टेट-मोजाम्बिक।”

इसके बाद भारत सिंह नाम के एक अन्य यूजर ने भी वही स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “सिख फॉर जस्टिस अब कनाडा में एक आतंकवादी संगठन है। भारत के लिए बड़ी जीत।” इन पोस्ट्स के बाद यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों का ध्यान इस पर गया। हालाँकि, इससे जुड़ी जानकारी को लेकर भ्रम और गलत व्याख्या भी सामने आई।

हालाँकि, कनाडा सरकार के मूल और आधिकारिक बयान में ‘सिख फॉर जस्टिस कनाडा’ का नाम शामिल नहीं है। असली बयान में जिन संगठनों को आतंकी सूची (क्रिमिनल कोड आतंकवादी संस्थाओं की लिस्ट) में जोड़ा गया है, उनमें टेररग्राम कलेक्टिव का नाम है, न कि SFJ कनाडा।

आधिकारिक तौर पर जिन चार संगठनों को सूची में जोड़ा गया है, वे हैं 764, मैनियाक मर्डर कल्ट, टेररग्राम कलेक्टिव, और इस्लामिक स्टेट-मोजाम्बिक जो कि इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) से जुड़ा हुआ है।

इस तरह सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा गलत और भ्रामक है, क्योंकि ‘सिख फॉर जस्टिस कनाडा’ का आधिकारिक बयान में कहीं उल्लेख नहीं है। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि कनाडा सरकार के मूल बयान से छेड़छाड़ की गई ताकि उसमें SFJ कनाडा का नाम जोड़कर एक सनसनीखेज और भ्रामक नैरेटिव बनाया जा सके। साथ ही, अब तक कनाडा सरकार ने अपनी धरती से भारत के खिलाफ संचालित खालिस्तानी आतंकवाद पर कोई ठोस और निर्णायक कार्रवाई नहीं की है।

ऑपइंडिया ने यह जाँचने के लिए कनाडा सरकार के आधिकारिक बयान के आर्काइव्स की समीक्षा की कि क्या कभी उसमें ‘सिख फॉर जस्टिस कनाडा’ का नाम शामिल था और बाद में उसे बदला गया लेकिन यह स्पष्ट रूप से पुष्टि हुई कि बयान में SFJ कनाडा का नाम कभी भी मौजूद नहीं था।

यह घोषणा कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मंत्री गैरी आनंदासंगरी द्वारा की गई थी, जिन्होंने बताया कि यह कदम आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद से निपटने, विशेष रूप से युवाओं के ऑनलाइन कट्टरपंथीकरण को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस अपडेट के साथ कनाडा की क्रिमिनल कोड के तहत आतंकी संगठनों की कुल संख्या 90 हो गई है।

कानून के अनुसार, किसी संगठन को आतंकी सूची में शामिल किए जाने के बाद उसकी कनाडा में मौजूद सभी संपत्तियाँ फ्रीज कर दी जाती हैं, उनसे जुड़े लेन-देन की सूचना CSIS या RCMP को देना अनिवार्य होता है और उस संगठन को वित्तीय सहायता देना या उसकी संपत्ति से संबंधित किसी भी प्रकार का लेन-देन करना अपराध माना जाता है।

इसके अलावा, इमिग्रेशन और बॉर्डर अधिकारी भी इस सूची का उपयोग आप्रवासन और शरणार्थी संरक्षण अधिनियम के तहत अपने फैसलों में कर सकते हैं। कनाडा सरकार की आधिकारिक प्रेस रिलीज में केवल चार संगठनों 764, मैनियाक मर्डर कल्ट, टेररग्राम कलेक्टिव और इस्लामिक स्टेट-मोजाम्बिक को सूची में जोड़े जाने की पुष्टि की गई है और पूरे बयान में ‘सिख फॉर जस्टिस’ का कोई उल्लेख नहीं है जिससे यह साफ होता है कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा तथ्यहीन है।