ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी का कारण बने BAT-BMS मोबाइल ऐप पर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। IT मंत्रालय ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से इस ऐप को हटाने का निर्देश दिया है।
सामने आया है कि कुछ लोग ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़कर चलते वाहन को अचानक बंद कर रहे थे। हालाँकि जाँच में यह भी सामने आया है कि केवल एक ऐप ही नहीं, बल्कि ऐसे फीचर वाले दूसरे ऐप भी चिंता का कारण बन सकते हैं।
#NewsAlert | The IT Ministry has directed Google Play Store and Apple App Store to remove the BAT BMS app https://t.co/3pb9TybgJ3 pic.twitter.com/DALKm1AUms
— ET NOW (@ETNOWlive) July 3, 2026
BAT-BMS ऐप से कैसे हो रहा था दुरुपयोग?
जाँच में सामने आया कि BAT-BMS जैसे कुछ बैटरी मैनेजमेंट ऐप ब्लूटूथ के माध्यम से कम्पैटिबल लिथियम बैटरी से कनेक्ट हो जाते हैं। इन ऐप का मूल उद्देश्य बैटरी की स्थिति, वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारी दिखाना होता है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर इनका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर Viral Video में कुछ लोग ई-रिक्शा के पास जाकर BAT-BMS ऐप के जरिए बैटरी का डिस्चार्ज सिस्टम बंद कर देते थे, जिससे वाहन तुरंत रुक जाता था। बाद में BAT-BMS में पासवर्ड सुरक्षा जोड़ दी गई, लेकिन जाँच में एक अन्य ऐप के जरिए भी ई-रिक्शा को बंद किया जाना आसान पाया गया। इससे विशेषज्ञों ने बैटरी सुरक्षा मानकों और मजबूत ऑथेंटिकेशन सिस्टम की जरूरत पर जोर दिया है।
उज्जैन में ऐप के जरिए ठगी का खुलासा, युवक हिरासत में
मध्य प्रदेश के उज्जैन में इसी तकनीक के दुरुपयोग से जुड़ा एक मामला भी सामने आया है। पुलिस ने 18 वर्षीय एक युवक को हिरासत में लिया है, जिस पर आरोप है कि वह मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा बंद कर देता था और फिर खुद मददगार बनकर पहुँचता था। वाहन दोबारा चालू करने के नाम पर वह चालकों से 200 से 300 रुपए तक वसूलता था।
शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू की और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि ऐप के जरिए वाहन के सिस्टम को किस हद तक प्रभावित किया जा सकता है। पुलिस CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की भी जाँच कर रही है।

