₹100 करोड़ की विदेशी फंडिंग, डेमोग्राफी बदलने की कोशिश और लव जिहाद की साजिश: छाँगुर पीर के खिलाफ ED ने दायर की 1400 पन्नों की चार्जशीट

ED ने अवैध धर्मांतरण से जुड़े चर्चित और संवेदनशील मामले में जलालुद्दीन उर्फ छाँगुर पीर के खिलाफ करीब 1400 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में विदेशी फंडिंग, संपत्ति खरीदने, बैंक ट्रांजैक्शन और आरोपितों के बीच संबंधों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें दावा किया गया है कि किस तरह आरोपित अपनी टीम के साथ मिलकर संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और उनका उद्देश्य बड़े पैमाने पर धर्मांतरण की गतिविधियों को अंजाम देना था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस में सबसे बड़ा खुलासा विदेशी फंडिंग को लेकर हुआ है और ED की जाँच में सामने आया है कि 2015 से 2024 के बीच 100 करोड़ रुपए से अधिक का लेन-देन हुआ। यह पैसा सऊदी अरब और दुबई समेत अन्य खाड़ी देशों से भारत लाया गया था। यह पैसा अलग-अलग खातों और माध्यमों से ट्रांसफर किया गया ताकि इसकी असल पहचान छिपी रहे।

जाँच अधिकारियों का कहना है कि इस फंडिंग का इस्तेमाल धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा देने, लोगों को लालच देने और नेटवर्क को मजबूत करने में किया गया। ईडी ने अपनी जाँच में UP ATS द्वारा जुटाए गए तथ्यों को भी आधार बनाया है। इस मामले के सह-आरोपित नवीन और उसकी पत्नी नीतू ने इस फंड का इस्तेमाल कर कई जिलों में जमीन खरीदी और इस जगहों का इस्तेमाल धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों के संचालन के लिए किया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, छाँगुर बाबा और उसके सहयोगियों पर देश की डेमोग्राफी को प्रभावित करने और सरकार के खिलाफ साजिश रचने के आरोप हैं। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 121A (राष्ट्र के विरुद्ध साजिश), 153A (धार्मिक वैमनस्य फैलाना) और 420 (धोखाधड़ी) समेत कई गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं। साथ ही, जाँच में लव जिहाद के आरोपों का भी मामला सामने आया है। दावा किया गया है कि मुस्लिम युवक नाम और पहचान बदलकर गैर-मुस्लिम महिलाओं को प्रेम जाल में फँसाते थे। इसके बाद उनका धर्मांतरण कराया जाता था।