छत्तीसगढ़ की अलीशा खातून अपने हिंदू प्रेम के लिए 1000 किलोमीटर की दूरी तय कर रामपुर पहुँची। यहाँ अलीशा ने जोगेंद्र से प्रेम विवाह कर लिया। मंदिर में दोनों शादी के बंधन में बंधे। शादी के बाद अलीशा ने अपनी मर्जी से अपना नाम अदिति रख लिया है। अलीशा के परिजनों ने इस शादी का विरोध किया लेकिन पुलिस ने युवती के बालिग होने के चलते उसकी मर्जी का ध्यान रखा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रामपुर के शहर कोतवाली क्षेत्र का रहने वाले 21 साल के जोगेंद्र सैनी की डेढ़ साल पहले छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की रहने वाली अलीशा खातून से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। 10 मई 2026 को ही अलीशा खातून 1000 किलोमीटर दूर रामपुर योगेंद्र के पास चली आई।
अलीशा की अम्मी परवीन बेगम और भाई मोहम्मद समीर भी उसको खोजते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ रामपुर पहुँचे। मामला रामपुर पुलिस तक भी पहुँचा। पुलिस ने युवती के बालिग होने की पुष्टि की और उसके बयान दर्ज किए। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने 27 जून 2026 को जोगेंद्र और अलीशा का शिव मंदिर में विवाह कराया। युवती ने बताया कि उसने शादी के बाद अपना नाम अदिति रख लिया है और वह काफी खुश है।

