भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी पर तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने विवाद खड़ा कर दिया है। CJI ने रोहिंग्या मामले की सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि आजकल जज लोग TRP बढ़ाने के लिए ज्यादा बात करते हैं, पर फैसला नहीं सुनाते। इस विवादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने टीएमसी पर ज़ोरदार हमला बोला है और इसे ‘वोट बैंक’ की राजनीति बताया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या पूछा?
सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्याओं के कानूनी दर्जे पर सुनवाई चल रही थी। CJI सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से तीखा सवाल किया। उन्होंने पूछा कि जब देश के अपने नागरिक गरीबी से जूझ रहे हैं, तो क्या हमें घुसपैठियों का स्वागत करने के लिए ‘रेड कार्पेट’ बिछाना चाहिए? यह टिप्पणी लापता रोहिंग्याओं को लेकर दायर याचिका पर आई थी। अब मामले की सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
टीएमसी सांसद की टिप्पणी
कल्याण बनर्जी ने कहा कि CJI की बात का जवाब देना उन्हें शोभा नहीं देता। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जज को बिना सोचे-समझे कमेंट नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले जज लोग कम बात करते थे और सिर्फ फैसला सुनाते थे। लेकिन अब रुझान बदल गया है। जज लोग TRP बढ़ाने के लिए बहुत ज़्यादा बात करते हैं, पर फैसला नहीं देते।
बीजेपी का जवाब
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने TMC पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी का यह बयान TRP के लिए नहीं है, बल्कि टीएमसी के ‘वोट बैंक रेटिंग पॉइंट’ (VRP) के लिए था।
शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि टीएमसी सुप्रीम कोर्ट पर भी हमला बोल रही है, क्योंकि वह रोहिंग्याओं का समर्थन करती है। पूनावाला ने यह भी कहा कि कल्याण बनर्जी वही हैं जिन्होंने पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री करके पद का मजाक उड़ाया था।

