सरकार ने नहीं की थी ‘CJP’ से संपर्क साधने की शुरुआत: साख बचाने के लिए क्या झूठ बोल रहे सौरव दास? जानिए मीडिया दावों पर क्या बोले सरकारी सूत्र

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने 20 जुलाई को केंद्र सरकार के साथ बातचीत का दावा करते हुए जो अपनी जीत को दिखाने की कोशिश की थी वो असल में अधूरा सच है।

सौरव दास ने आज X पर पोस्ट करके दावा किया था कि मोदी सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए संपर्क किया है और वह और आशुतोष रंका CJP की ओर से केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा से मिलने जा रहे हैं।

उन्होंने इस दौरान अपने ट्वीट को एक जीत की तरह प्रदर्शित किया था और जोर देकर कहा था कि सरकार ने सुबह ही उनसे बातचीत के लिए संपर्क किया था, युवाओं का बड़ा जमावड़ा उनके साथ है और पार्टी की माँगें पूरी तरह स्पष्ट हैं।

इस खबर को ‘द हिंदू’ की पत्रकार विजेता सिंह ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर प्रमुखता से आगे बढ़ाया।

उन्होंने अपने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया कि नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा केंद्र सरकार की ओर से CJP टीम से बातचीत कर रहे थे। साथ ही ये भी कहा कि CJP सदस्यों को पहले जिला मजिस्ट्रेट, फिर केंद्र सरकार के एक सचिव और उसके बाद राज्य मंत्री स्तर के अधिकारियों के साथ बातचीत का प्रस्ताव दिया गया था। मगर, CJP सदस्यों ने इन सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया क्योंकि उनकी माँग थी कि उनकी सीधी बातचीत केवल प्रधानमंत्री या किसी कैबिनेट मंत्री के साथ ही हो, और उन्होंने इसके लिए डीसीपी को मंत्रियों के नामों की एक सूची भी सौंपी थी।

हालाँकि, इस पूरे घटनाक्रम में तब नया मोड़ आया जब यह सामने आया कि सौरव दास और उनका समर्थन करने वाले पत्रकारों के ये दावे अधूरा सच हैं।

ऑपइंडिया को यह सूचना सरकारी सूत्रों से मिली। सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ने CJP से बातचीत की शुरुआत नहीं की थी। उनकी ओर से ऐसा कोई संपर्क नहीं साधा गया था और न किसी भी प्रकार की कोई बैठक या मुलाकात तय हुई थी।

गौरतलब हो कि पूरा सच सामने आने के बाद अब ये दावा हो रहा है कि प्रदर्शन की विफलता को देखते हुए, कॉकरोचों ने अपनी जीत दिखाने के लिए झूठा दावा किया और अपनी साख बचाने के मकसद से यह अफवाह फैलाई कि पहले संपर्क सरकार ने किया था।