जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जुटे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थक मार्च करते हुए सोमवार (20 जुलाई) को संसद तक पहुँच गए। इस दौरान कॉकरोचों ने न केवल पार्लिएमेंट में घुसने की कोशिश की, बल्कि बैरिकेडिंग को तोड़ने का प्रयास किया और पुलिस से भिड़ने की भी कोशिश की।
स्थिति बिगड़ते देख संसद भवन की सुरक्षा अत्यंत कड़ी कर दी गई है और सभी मुख्य प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया गया। उपद्रवी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
सैकड़ों की संख्या में संसद के बाहर इकट्ठा हुए कॉकरोच, भीतर घुसने की थी प्लानिंग
— ऑपइंडिया (@OpIndia_in) July 20, 2026
भीड़ में दिखे Bhim Army के झंडे, प्रदर्शनकारियों को संसद से दूर कर रहे सुरक्षाकर्मी@Anurragmishra pic.twitter.com/uwvSUgst00
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की पूर्व नियोजित रणनीति संसद परिसर के भीतर प्रवेश करने की थी। प्रदर्शन में शामिल सीजेपी समर्थक बयान दे रहे थे कि एकजुट होकर केंद्र की मोदी सरकार को गिरा दी जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान समर्थकों के हाथों में भीम आर्मी के झंडे थे और मुँँह पर ‘जय भीम’ की नारेबाजी।
NEET पर शुरू हुआ प्रदर्शन PM मोदी को गिराने तक पहुँचा
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बूढ़े कॉकरोच ने कहा, "सब एक हो के मोदी को गिरा दो"
Sansad March में इकट्ठा हुई है भीड़, @anurragmishra की ग्राउंड रिपोर्ट pic.twitter.com/vW2OLh6q5A
घटना के सामने आए वीडियो फुटेज में प्रदर्शनकारी पुलिस बल पर पथराव करते साफ नजर आ रहे हैं। इस दौरान उपद्रवियों को खुलेआम यह कहते सुना गया, “पत्थरबाजी तो होगी ही।”
Jantar Mantar पर Cockroach हुए आक्रामक, RAF जवानों पर बरसाए पत्थर pic.twitter.com/H9wkDDHSNW
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गौरतलब हो कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने इस प्रदर्शन से पहले दावा किया था कि वह एक ‘पीसफुल’ प्रोटेस्ट करने वाले हैं और सिर्फ सरकार तक अपनी बात पहुँचाने के लिए ये सब कर रहे हैं।
हालाँकि 20 जुलाई को दिखी तस्वीरों ने यह साफ कर दिया कि उनकी मंशा पूरी तरह अलग थी। उनका इरादा लोकतंत्र में रहकर सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि कानून को हाथ में लेकर संसद में घुसने का था।
इस प्रदर्शन की आड़ में मोदी विरोधियों ने एकजुट होकर अपनी राजनीति की रोटी-सेंकी लेकिन जब पत्रकारों से लेकर पुलिस पर हमला हुआ है, तब वह शांत हैं।

