कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार पर लगाया वेबसाइट ब्लॉकिंग का आरोप, तकनीकी जाँच में खुली पोल: सामने आई डोमेन होस्टिंग से जुड़ी ये सच्चाई

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का दावा गलत साबित हुआ है कि सरकार ने उनकी वेबसाइट ब्लॉक कर दी। तकनीकी जाँच में सामने आया है कि वेबसाइट सरकारी ब्लॉकिंग की वजह से नहीं, बल्कि डोमेन या होस्टिंग स्तर पर लगी रोक के कारण बंद हुई।

आसान भाषा में समझें तो डोमेन कार्रवाई मतलब वेबसाइट के नाम पर रोक लग जाना या उसे अस्थायी रूप से बंद कर देना होता है, वहीं होस्टिंग कार्रवाई मतलब होता है कि जिस सर्वर पर वेबसाइट चल रही थी, वहीं से उसका एक्सेस रोक दिया जाना।

पार्टी ने शनिवार (23 मई 2026) को आरोप लगाया था कि पहले उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हुआ और बाद में सरकार ने उनकी वेबसाइट बंद कर दी। CJP ने X पर पोस्ट करते हुए कहा था कि उनकी वेबसाइट पर 10 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग वाली याचिका पर 6 लाख हस्ताक्षर किए गए थे।

पार्टी ने दावा किया कि सरकार उनकी बढ़ती पहुँच से डर गई है और इसी वजह से वेबसाइट बंद कराई गई। हालाँकि तकनीकी जाँच में अलग तस्वीर सामने आई।

तकनीकी जाँच में गलत निकला दावा

डोमेन स्टेटस चेक करने पर वेबसाइट ‘clientHold’ स्थिति में मिली, जबकि Google और Cloudflare जैसे पब्लिक DNS सर्वर वेबसाइट को ‘NXDOMAIN’ दिखा रहे थे। इसका मतलब है कि डोमेन सार्वजनिक रूप से सक्रिय नहीं था।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर सरकार किसी वेबसाइट को सीधे ब्लॉक करती है, तो आमतौर पर वेबसाइट का डोमेन इंटरनेट पर दिखाई देता रहता है, लेकिन लोगों के मोबाइल और ब्रॉडबैंड नेटवर्क पर उसका एक्सेस रोक दिया जाता है। यहाँ ऐसा कोई संकेत नहीं मिला।

जाँच में यह भी पता चला कि वेबसाइट पहले तक Hostinger के सर्वर पर सक्रिय थी और HTTP 403 रिस्पॉन्स दे रही थी, जो होस्टिंग या एक्सेस प्रतिबंध की ओर इशारा करता है। इन तकनीकी तथ्यों के आधार पर माना जा रहा है कि वेबसाइट को सरकार ने ब्लॉक नहीं किया, बल्कि डोमेन या होस्टिंग से जुड़ी कार्रवाई के चलते वेबसाइट बंद हुई।