‘अयोध्या में ध्वजारोहण सनातन के लिए अहम, इसी भगवा के लिए सिख गुरुओं ने प्राण किए न्योछावर’: गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस पर CM योगी बोले- गुरुओं ने रोका भारत का इस्लामीकरण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार 25 नवंबर 2025 को बलिदान दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम के दौरान इतिहास और सिख परंपरा को लेकर अहम बयान दिया।

उन्होंने कहा कि मुगलों ने पूरे भारत का इस्लामीकरण करने की मुहिम चला रखी थी। इसी दौरान औरंगजेब जैसे क्रूर बादशाह ने तिलक और जनेऊ को मिटाने के लिए देशभर में अत्याचार किया। इस दौरान कश्मीर में गुरु तेग बहादुर ने अपनी आवाज बुलंद की और जनता की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया।

सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर ने औरंगजेब से लोहा लिया। उन्होंने कहा, “कश्मीर में जब औरंगजेब का सिपहसलार ने अत्याचार किया, तब पंडित कृपानंद महाराज ने गुरु तेग बहादुर के सामने याचना की। याचना गुरु तेग बहादुर के सामने हो रही थी और 9 साल के गुरुनानक जी ने कहा कि आप कह रहे हैं कि किसी बड़े आदमी को अपना बलिदान देना होगा तो आप से बड़ा कौन है। तब गुरु तेगबहादुर महाराज ने अत्याचार के खिलाफ आवाज उठायी।”

उन्होंने कहा, “गुरु जी को कैद कर लिया गया। उनके भाईयों को भयंकर दंड दिए गए। तभी भी अपने धर्म और संकल्प से वे डिगे नहीं, भले ही उनके साथ कितनी भी क्रूरता बरती गई।”

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में ध्वजारोहण सनातन संस्कृति के लिए अहम है। ये वही भगवा ध्वजा है, जिसके लिए सिख गुरुओं ने अपने प्राण न्योछावर किए। धर्म, आस्था और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए कठिन संघर्ष किया।

उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति को नष्ट करने की कई बार कोशिशें हो चुकी हैं। फिर भी पूरे समाज ने एकजुट होकर इसकी रक्षा की।