मध्य प्रदेश में जहरीला कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से अब तक कुल 22 बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि पाँच बच्चे नागपुर में गंभीर हालत में भर्ती हैं। इस दुखद घटना के बाद, एहतियात के तौर पर पश्चिम बंगाल में भी इस सिरप की बिक्री और खरीद पर रोक लगा दी गई है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी का मालिक गिरफ्तार हो चुका है।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (BCDA) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी दवा विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री और खरीद तुरंत बंद कर दें। BCDA के सचिव पृथ्वी बसु ने स्पष्ट किया कि जिस बैच को मध्य प्रदेश की घटना से जोड़ा जा रहा है, वह बंगाल में नहीं आया है। फिर भी, सावधानी बरतने के लिए यह रोक लगाई गई है।
BCDA ने इस आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए शनिवार (11 अक्टूबर 2025) को दवा विक्रेताओं की एक बैठक बुलाई है।
दवा सुरक्षा पर सख्त निर्देश
इस बीच, बंगाल राज्य औषधि नियंत्रण बोर्ड भी सक्रिय हो गया है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि कफ सिरप में इस्तेमाल होने वाले तीन मुख्य रसायन- ‘प्रोपिलीन ग्लाइकॉल, ग्लिसरीन और सोर्बिटॉल’ को केवल अनुमोदित (Approved) विक्रेताओं से ही खरीदा जाए। साथ ही, इन रसायनों की प्रयोगशाला जाँच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। देश के कई राज्यों में अब खराब गुणवत्ता वाले कफ सिरप को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है, और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर रखे हुए है।

