‘अक्ल के अंधे हैं रामभद्राचार्य’ : कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने जगद्गुरु का किया अपमान, सनातन को लेकर बोले- ये कोई धर्म नहीं है

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, “वे आँख के अंधे तो हैं ही, अक्ल के भी अंधे हो गए हैं।”

उदित राज ने जगदगुरु पर संविधान के अपमान का आरोप भी लगाया और हिन्दू धर्म पर टिप्पणियाँ की। उन्होंने कहा कि रामभद्राचार्य को प्रकृति ने तो आँखों से अंधा कर दिया है, लेकिन वह अक्ल से भी अंधे हैं।

उन्होंने कहा कि हिन्दू तो कोई है ही नहीं, यहाँ जातियाँ हैं। अगर हिन्दू होता तो, बाबा साहेब आंबेडकर बौद्ध नहीं बनते। उदित राज ने 2024 में लोकसभा जीतने वाले एनडीए गठबंधन पर ‘गलत तरीके से 70-80 सीटें जीतने’ का आरोप भी लगाया।

दरअसल तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने हिन्दू राष्ट्र को लेकर बयान दिया था। उन्होंने संविधान में बदलाव पर जोर देते हुए कहा था कि मनुस्मृति देश का पहला संविधान है और डॉक्टर भीमराव आंबेडकर अकेले संविधान निर्माता नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए संसद में 470 सीटें लाना जरूरी है, ताकि संविधान में बदलाव किया जा सके।

देश के सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर जोर देते हुए रामभद्राचार्यजी ने कहा कि देश में 80 फीसदी आबादी हिन्दुओं की रहनी चाहिए। सबको प्रयास करना चाहिए ताकि संसद में 470 सीटें हों, ताकि देश हिन्दू राष्ट्र बन सके। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति नहीं बदली, तो हिन्दुओं पर अत्याचार होंगे।